हैलट और उर्सला में पोस्ट कोविड वार्ड तो बने हैं लेकिन रोगियों की हालत इतनी गंभीर होती है कि सीधे आईसीयू में भर्ती करना पड़ता है और जरा सी देरी घातक हो जाती है।
कोरोना ठीक होने के बाद पोस्ट कोविड रोगियों के लिए अधिक खतरा पैदा हो रहा है। कोरोना के बाद रोगी के शरीर में बनने वाली इन्फ्लेटेड (बढ़ी हुईं) कोशिकाएं अंगों को तेजी से क्षतिग्रस्त करती हैं। इसके बाद रोगियों की हालत अधिक गंभीर हो जाती है।
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हैलट और उर्सला में पोस्ट कोविड वार्ड तो बने हैं लेकिन रोगियों की हालत इतनी गंभीर होती है कि सीधे आईसीयू में भर्ती करना पड़ता है और जरा सी देरी घातक हो जाती है। बीते दिनों पोस्ट कोविड रोगी आईआईए महिला विंग की अध्यक्ष वंदना मिश्रा की जाम में फंसकर मौत हुई थी।
जाम में फंसने की वजह से उन्हें समय से अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका। इसी तरह अन्य रोगियों की भी अचानक तबीयत बिगड़ती है और जरा सी देर हुई तो मौत हो जा रही है। सीनियर चेस्ट फिजीशियन डॉ. राजीव कक्कड़ ने बताया कि कोरोना के संक्रमण से रोगी के शरीर में इन्फ्लेटेड कोशिकाएं बनती हैं।
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ये शरीर के विभिन्न अंगों में जाकर नुकसान पहुंचाती हैं। इन कोशिकाओं ने अगर हार्ट को प्रभावित किया तो रोगी को अटैक आ जाता है। अन्य अंग भी प्रभावित हो सकते हैं। रोगी के मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर आता है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के सीनियर फिजीशियन डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि पोस्ट कोविड रोगियों को एहतियात बरतने की अधिक जरूरत है। ब्लड शुगर नियंत्रित रखें।