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Kanpur News: एचबीटीयू के स्टार्टअप्स भरेंगे उड़ान, मिलेगी वित्तीय सहायता

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कानपुर। हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) के इन्क्यूबेशन सेंटर एचबीटीयू टीबीआई फाउंडेशन के तहत आने वाले स्टार्टअप को अब फंड की कमी नहीं होगी। उनकी वित्तीय सहायता, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए यूपी स्टार्टअप नीति 2020 के तहत प्रदेश सरकार ने अनुमोदन दिया है।
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इसकी मदद से अब स्टार्टअप को फंड जनरेट करने में परेशानी नहीं होगी। वहीं इससे पहले एमएसएमई की ओर से भी अनुमोदन मिल चुका है। इस वित्तीय स्वीकृति के साथ फाउंडेशन उन चुनिंदा संस्थानों की श्रेणी में शामिल हो गया है जिन्हें यूपी स्टार्ट अप नीति 2020 के तहत दीर्घकालिक सरकारी सहयोग प्राप्त हुआ है।

एचबीटीयू टीबीआई फाउंडेशन 2022 में स्थापित किया गया था जिसमें अभी तक 17 स्टार्टअप इन्क्यूबेटेड थे। हालांकि सरकार की ओर से अनुमोदन नहीं मिलने पर स्टार्टअप्स को फंड की समस्या होती थी। सरकारी ग्रांट पाने के लिए संस्थान के स्टार्टअप्स को दूसरे इन्क्यूबेशन सेंटर से आवेदन करना पड़ता था। इस वजह से कई स्टार्टअप छोड़कर चले जाते थे। अब सरकार से अनुमोदन मिलने पर यह परेशानी दूर हो गई है।
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इस स्वीकृति के तहत फाउंडेशन को परिचालन व्यय के लिए कुल 1.50 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें प्रत्येक वर्ष 30 लाख रुपये तक की राशि दी जाएगी। यह सहायता अधिकतम पांच वर्षों तक या इन्क्यूबेटर के आत्मनिर्भर बनने तक जारी रहेगी। इस वित्तीय सहयोग का उद्देश्य स्टार्टअप्स को सक्षम बनाना, नई तकनीकों के विकास को प्रोत्साहित करना और उद्यमशीलता की दिशा में युवाओं को सशक्त बनाना है।


एचबीटीयू टीबीआई फाउंडेशन के सीईओ एंड निदेशक डॉ. जितेंद्र भास्कर ने कहा कि पहले से ही विश्वविद्यालय कई तकनीकी नवाचार परियोजनाओं, छात्र स्टार्टअप्स और प्रोटोटाइप डेवलपमेंट को दिशा दे रहा है। अब वित्तीय सहायता मिलने से फाउंडेशन अपने संचालन को और अधिक सुदृढ़ बना सकेगा।

इससे न केवल स्टार्टअप्स को प्रारंभिक सहायता मिलेगी बल्कि उनके लिए मेंटरशिप, प्रोटोटाइप निर्माण, बाजार तक पहुंच और निवेशक संपर्क जैसी सुविधाओं को भी विस्तार मिलेगा। कुलपति प्रोफेसर समशेर ने कहा कि यह सहायता राज्य सरकार के उस विजन को आगे बढ़ाती है जिसके तहत उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख स्टार्टअप हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
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