कानपुर। हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी में कटऑफ के नियम के कारण 54 सीटें खाली रह गई हैं। स्पॉट काउंसलिंग 280 सीटों पर हुई थी जिसमें 226 सीटों पर ही दाखिला हुआ। विभिन्न ब्रांच की शेष 54 सीटों को अब अगले साल ब्रांच चेंज या फिर लेटरेल एंट्री से भरा जाएगा।
एचबीटीयू में बीटेक में 995 सीटों पर दाखिला प्रक्रिया शुरू हुई थी। विवि में दो चरणों में पांच राउंड काउंसलिंग हुई जिसमें पिछले साल के मुकाबले बेहतर रिस्पांस रहा। दो चरणों की काउंसलिंग के बाद भी 280 सीटें खाली रह गई थीं। संस्थान ने 13 अगस्त को इन सीटों पर स्पाॅट काउंसलिंग कराने का फैसला लिया।
हालांकि विवि में कटऑफ का नियम भी लागू होता है। जिस ब्रांच में जो क्लोजिंग रैंक होती है, उसके नीचे रैंक वाले छात्र को स्पॉट काउंसलिंग में दाखिला नहीं मिलता है भले ही सीटें खाली रह जाएं। इसी नियम के कारण सीटें पूरी नहीं भर पाईं। नियम की जानकारी न होने के कारण कई अभिभावकों ने नाराजगी भी जताई।
13 अगस्त की स्पॉट काउंसलिंग का परिणाम 14 अगस्त को जारी हुआ है। इसमें कंप्यूटर साइंस समेत कई ब्रांच में सीटें खाली हैं। संस्थान की डीन एकेडमिक्स प्रो. वंदना कौशिक ने कहा कि एचबीटीयू के अलावा भी कई तकनीक संस्थान इस नियम का पालन करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यत: दाखिले दोनों चरणों की काउंसलिंग के आधार पर ही होते हैं।
उदाहरण दिया कि कंप्यूटर साइंस में काउंसलिंग से किसी बच्चे का दाखिला 40 हजार की रैंक पर हुआ है और स्पॉट में कोई एक लाख रैंक वाला छात्र आएगा तो उसे दाखिला देना तकनीक रूप से गलत होगा। प्रो. कौशिक ने कहा कि अब ये खाली सीटें अगले साल ब्रांच चेंज के दौरान काम आती है। कई लेटरेल एंट्री के छात्रों को भी इससे दाखिला मिलता है।