राजकुमार की फाइल फोटो व घटनास्थल पर जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
लगभग साढ़े पांच माह पहले संदिग्ध परिस्थतियों में लापता हुए युवक का कंकाल सोमवार को गन्ने के एक खेत में पड़ा मिला। खेत में लगभग दस मीटर में कंकाल की हड्डियां और सिर बिखरे हुए थे। परिजनों ने कपड़ों से शव की पहचान की है। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी मार्तण्ड प्रकाश सिंह की मौजूदगी में फॉरेंसिक टीम ने नमूने भी जुटाए। शव का डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा।
शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के अहमदनगर गांव निवासी राज कुमार (21) गांव में ही घूमने जाने की बात कह कर 24 जून की शाम घर से निकला था। इसके बाद वह वापस घर नहीं पहुंचा। काफी खोजबीन करने पर भी कोई पता नहीं चला। इसके बाद 17 जुलाई को राजकुमार के पिता भगवान शरण की तहरीर पर गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया।
सोमवार को अहमदनगर गांव से पांच सौ मीटर दूर भगवान शरण और मुरली के गन्ने के खेत में राज कुमार का कंकाल दस मीटर दायरे में पड़ा मिला। वहीं कुछ ही दूरी पर उसके कपड़े और चप्पल भी पड़ी मिली। परिजनों ने कपड़ों और चप्पलों के आधार पर शव की पहचान की है। घटना का पता चलने पर अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एमपी सिंह मौके पर पहुंचे। कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। उन्होंने बताया कि चूंकि पहचान कपड़ों के आधार पर की गई है इसलिए कंकाल का डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा।
पुलिस अफसरों की दलीलें
- शाहाबाद कोतवाल निर्भय सिंह ने दावा किया कि राजकुमार मानसिक रूप से बीमार था।
- अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एमपी सिंह ने बताया कि जून में यहां बाढ़ का पानी भरा था। संभवता बाढ़ के पानी में डूबकर राजकुमार की मौत हुई है।
पांच माह सड़ता रहा शव, किसी को बदबू तक न आई
राजकुमार साढ़े पांच माह से लापता था। अब उसका कंकाल के खेत में पड़ा मिला है। पुलिस ने जो दावे किए हैं उन पर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल शव सड़ता रहा और खेत आने जाने वाले किसानों या मजदूरों को बदबू तक नहीं आई। शव गन्ने के खेत में पड़ा था। गन्ने की फसल की कई बार गुड़ाई और सिंचाई भी हुई हाेगी। हर किसान कोशिश करता है कि खेत हर कोने में फसल की जड़ तक पानी पहुंच जाए। जाहिर सी बात है कि यहां भी ऐसा ही होगा, लेकिन फिर भी शव के बारे में किसी को पता न चलना सवाल खड़े कर रहा है।