प्रदर्शन में कांग्रेस और भाजयुमो कार्यकर्ता भिड़े
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संसद में हुए हंगामे के बाद शहर में भी राजनीतिक गतिविधियां उफान पर रहीं। गृहमंत्री अमित शाह के डा. आंबेडकर को लेकर दिए गए कथित बयान के विरोध में प्रदर्शन करने निकल रहे सपाइयों को घरों से ही नहीं निकलने दिया गया। अधिकांश सपा नेताओं के घरों पर पुलिस तैनात कर दी गई। शाम को कांग्रेस और भाजयुमो कार्यकर्ता आमने सामने आ गए। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर तकरार हुई।
गृहमंत्री अमित शाह के बयान को लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को विरोध की रणनीति बनाई थी। कार्यकर्ता अंबेडकर प्रतिमा तक जाने की तैयारी कर रहे थे। इसकी भनक पुलिस को लग गई। सपा जिलाध्यक्ष शराफत अली, जिला उपाध्यक्ष रामज्ञान गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष जितेंद्र वर्मा जीतू और पम्मू यादव को घर से ही नहीं निकलने दिया गया। उधर दूसरी ओर देर शाम कांग्रेस ने बुधवार को लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ता प्रभात पांडेय की मौत के मामले में कैंडिल मार्च निकालने की तैयारी की, लेकिन इससे पहले ही भाजयुमो कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय के पास पहुंच गए।
दोनों ही पार्टियों के कार्यकर्ता और नेता हाथों में झंडे और डंडे लिए हुए थे। दोनों दलों के नेताओं के बीच तीखी नोंक झोंक हुई। कांग्रेस के निवर्तमान जिलाध्यक्ष आशीष सिंह सोमवंशी ने बताया कि पुलिस की मौजूदगी में भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय में घुसकर हंगामा किया। महिला कार्यकर्ताओं से अभद्रता की। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरी घटना पर मूकदर्शक बनी रही। हंगामे के बाद भाजयुमो कार्यकर्ता मौके से चले गए, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तिकुनिया पार्क में गांधी प्रतिमा पर विरोध प्रदर्शन किया।