यूपी के फतेहपुर जिले में रामभक्त हनुमान का किरदार निभाते-निभाते रामस्वरूप शनिवार को अमर हो गए। दरअसल, दुर्गा पंडाल में लंका दहन लीला का आयोजन किया गया था। इस दौरान अचानक वे गश खाकर गिरे और उनका निधन हो गया। यह कलाकार 20 वर्षों से हनुमान जी की लीला का बखान कर रहा था।
धाता थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव निवासी रामस्वरूप (55) घर में पत्नी अनुसुइया व एक बेटी के साथ रहते थे। पत्नी दिव्यांग है। बेहद गरीब रामस्वरूप मजदूरी तो कभी खेती करके गुजर बसर कर रहे थे। पिछले दो दशक से रामस्वरूप गांव में ही होने वाले धार्मिक कार्यों में पहुंच जाते थे और ग्रामीणों की मांग पर हनुमान का वेश रख रखकर नृत्य करने लगते थे।
सलेमपुर गांव में इस समय दुर्गा पंडाल लगा हुआ है। शनिवार की रात को लंका दहन की झांकी का आयोजन किया। लंका दहन होना था तो हनुमान का वेश धर कर रामस्वरूप पहुंच गए। उन्होंने पूंछ में आग लगाई और एक तख्त पर चढ़कर नृत्य शुरू कर दिया।
लोगों की मानें तो नृत्य करते-करते रामस्वरूप एक-दो बार लड़खड़ाए। फिर जमीन पर गिर गए। लोगों ने तुरंत पूंछ में लगी आग बुझाई और उनके चेहरे पर पानी की छींटे मारीं, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। परिजनों को इस बात की खबर लगी तो वह बिलखने लगे। रविवार को परिवार व रिश्तेदाराें ने उनका नदी किनारे अंतिम संस्कार कर दिया।