मृतका के पति ने बताया कि वह मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है। सोमवार सुबह करीब चार बजे गांव में हो रही रामलीला देखने चला गया। घर पर उसकी मां और पत्नी दोनों सो रहीं थीं। उसके पिता रिश्तेदार के यहां गोद भराई कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। तभी बिना कारण पत्नी ने फांसी लगाकर जान दे दी। कहा कि पत्नी के मरने के बाद वह भी नहीं जीना चाहता है। जिसके चलते जहर खा लिया। मृतका अपने पीछे दो पुत्र समीर, सुमित को रोता बिलखता छोड़ गई है।