एएसपी अनूप कुमार मंगलवार को मौदहा कोतवाली का अर्धवार्षिक निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने कुछ सिपाहियों से सरकारी इंसास राइफल खोलने और बंद करने के लिए कहा। कुछ पुलिस कर्मी असलहों को हैंडल करने में फेल रहे। जबकि कई महिला और पुरुष सिपाही सरकारी रायफलों को खोल तक नहीं पाए।
जिले की पुलिस असलहों को चलाना तो दूर उन्हें खोलना भी नहीं जानती है। यह नजारा तब देखने को मिला जब एएसपी मौदहा कोतवाली का निरीक्षण करने पहुंचे और उन्होंने सरकारी रायफल और पिस्टल खोलने व बंद करने को कहा। कई महिला और पुरुष सिपाही सरकारी रायफलों को नहीं खोल पाए।
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मौदहा कोतवाली का अर्धवार्षिक निरीक्षण एएसपी अनूप कुमार ने किया। कुछ सिपाहियों से सरकारी इंसास राइफल खोलने और बंद करने के लिए कहा। महिला सिपाही जिसका नाम स्वीटी बताया जा रहा है वह राइफल नहीं खोल सकीं। उसे एएसपी ने चार घंटे की मोहलत दी कि वह राइफल खोल के बताए।
वहीं एक महिला सिपाही से जब दंगे के दौरान अपनी सुरक्षा करते हुए दंगाइयों को खदेड़ने के लिए बॉडी गार्ड और बेंत पकड़ने को कहा तो वह सही से बेंत भी नहीं पकड़ सकी और बॉडी गार्ड भी उल्टा पकड़े दिखाई दी। पुलिस जिसके ऊपर बड़े बड़े आरोपियों से निपटने सहित विधानसभा चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से निपटाने का बोझ है वह इसे निपटा पाएगी।
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अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कुछ पुलिस कर्मी असलहों को हैंडल करने में फेल रहे हैं जिनको अलग से प्रशिक्षित करने की व्यवस्था की जाएगी। जिससे अगली बार उन्हें असलहों को हैंडिल करने में दिक्कत का सामना ना करना पड़े ।