हमीरपुर के राठ में बीते 6 माह से डिप्रेशन में चल रही महिला ने पशुबाड़े में पेड़ से रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। जब तक परिजनों को जानकारी हुई तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
मझगवां थाने के कुल्हैडा गांव निवासी गायत्री देवी (48) पत्नी बृजेंद्र सिंह राजपूत सोमवार सुबह पांच बजे पशुबाड़े में कामकाज देखने गई थी। काफी देर तक वापस न लौटने पर परिजनों को चिंता हुई।
परिजन उसे खोजते हुए पशुबाड़े पहुंचे। जहां नीम के पेड़ पर रस्सी फांसी पर झूलता महिला का शव मिला। परिजनों का कहना है कि कोरोनाकाल की शुरुआत से महिला डिप्रेशन में चल रही है।
हालांकि उनके परिवार में किसी को कोरोना नहीं हुआ। फिर भी दहशत में मानसिक परेशान रहती थी। इस समय गांव में डेंगू का प्रकोप भी फैला है। 16 दिन पहले मृतका गायत्री, पति बृजेंद्र सिंह व दोनों बच्चों रविकांत तथा श्रीकांत डेंगू की चपेट में आ गए थे।
झांसी में 10 दिन तक भर्ती रहे थे। उपचार के बाद चारों स्वस्थ्य होकर 6 दिन पहले ही वापस घर लौटे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।