डकैती कोर्ट के विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार ने बृहस्पतिवार को डकैती के आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसी के साथ 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। राठ थाना क्षेत्र के अतरौलिया टीला निवासी दीनदयाल ने 22 मई 2009 को पुलिस को शिकायती पत्र दिया था। बताया था कि 21/22 मई की रात करीब डेढ़ बजे आठ से दस बदमाश घर में घुस आए थे।
बदमाशों ने परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट कर घर में रखे सोने-चांदी के जेवर और करीब 70 हजार रुपये नगद लूट लिए थे। घटना में दीनदयाल, उनके पुत्र गनेशीलाल और पुत्री सोमवती गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद घायलों को सरकारी अस्पताल राठ ले जाया गया, वहां गनेशीलाल की हालत गंभीर होने पर झांसी रेफर कर दिया गया। पुलिस ने प्राथमिक दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस ने आरोपी हरी कोरी निवासी मियापुर थाना राठ के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
सुनवाई के दौरान वादी दीनदयाल और घायल गनेशीलाल ने अदालत में गवाही दी और आरोपी की पहचान की। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए कठोर सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी हरी कोरी को धारा 395 और 412 में 10 -10 वर्ष के कठोर कारावास तथा पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं धारा 397 के तहत सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अदालत ने आदेश दिया कि मुकदमे के दौरान जेल में बिताई गई अवधि सजा की अवधि में समायोजित की जाएगी। सभी सजाएं साथ साथ चलेंगी।