कोरोना संक्रमण के चलते भारतीयों के लिए इस बार भी हज यात्रा की अनुमति मुमकिन नहीं होगी। सऊदी अरब सरकार ने 17 मई से कई मुल्कों के 43 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से विमान सेवाओं की शुुरुआत कर दी है, लेकिन भारत समेत कई देशों के यात्रियों के लिए अभी पाबंदी जारी है। लिहाजा अब हज यात्रा भी मुश्किल होगी। अगर अनुमति देनी होती तो अब तक केंद्रीय हज समिति की तरफ से फ्लाइट का शेड्यूल जारी हो जाता और पहली फ्लाइट 15 या 16 जून से शुरू हो जातीं।
इस वजह से अब हज यात्री नामुमकिन
सऊदी अरब ने जिन मुल्कों के लिए विमान सेवा शुरू की है, वहां के लोगों के लिए वैक्सीन की डबल डोज का प्रमाण पत्र लेकर हज यात्रा की अनुमति होगी। पहली कोरोना लहर के बाद यहां भी हालात सामान्य थे, तब अप्रैल की शुरुआत में भारत में केंद्रीय हज समिति ने भी वैक्सीनेटेड हज यात्रियों को हज की अनुमति की गाइडलाइन जारी की थी।
अब कोरोना की दूसरी लहर ने इंतजाम ध्वस्त कर दिए। सऊदी अरब ने भारतीय यात्रियों को अपने मुल्क में आने की अनुमति नहीं दी। पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत अब तक हज यात्रियों की ट्रेनिंग शुरू हो जाती। हज प्रशिक्षकों को भी ट्रेनिंग दी जाती और फ्लाइट का शेड्यूल तय कर दिया जाता, जो अभी तक नहीं हुआ। 19 जुलाई को बकरीद है, इस दौरान सऊदी अरब में हज शुरू हो जाता है। हज यात्रा करने वालों की 15 से 16 जून तक रवानिगी शुरू हो जाती है।
सऊदी अरब ने भारत में कोरेाना संक्रमण बढ़ने की वजह से यहां के यात्रियों को अनुमति नहीं दी है। अब हज यात्रा करा पाना मुमकिन नहीं है। अगर अगले हफ्ते-दस दिनों में अनुमति मिल भी जाती है तो भी हज कमेटी के पास इतना समय नहीं बचा है कि हज यात्रियों को भेजा जा सके।
हाजी शारिक अल्वी, मास्टर ट्रेनर, राज्य हज समिति