स्कूली बच्चों की सुरक्षा और ब्लैक स्पॉट पर हादसे रोकने के निर्देशों की अनदेखी पर कार्रवाई
जनवरी तक 40 चौराहों का होगा कायाकल्प
माई सिटी रिपोर्टर
कानपुर। स्कूली बच्चों की सुरक्षा और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के निर्देशों को अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया। समीक्षा बैठक में लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने चार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। इनमें जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, संबंधित एआरटीओ और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता शामिल हैं। डीएम ने निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा के मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शुक्रवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम ने पूर्व में दिए गए निर्देशों की समीक्षा की। जिसमें पाया की स्कूली वाहनों की सुरक्षा और दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट पर हादसे रोकने के उपायों का अफसरों ने अनुपालन नहीं किया जिसपर अफसरों की जमकर फटकार लगाई।डीएम ने मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन को तीन अधिकारियों और संबंधित अधिशासी अभियंता को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। डीएम ने निर्देश दिए कि सभी स्कूली वाहनों की सूची संबंधित थानों को उपलब्ध कराई जाए। वाहनों की फिटनेस की नियमित जांच हो और चालकों का मेडिकल चेकअप कराया जाए। निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर चलने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। जिन बसों में छात्राएं सफर करती हैं, उनमें विद्यालय की एक महिला कर्मचारी की मौजूदगी भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा।
ब्लैक स्पॉट का होगा ऑडिट
दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट पर हादसों और उनमें हुई जनहानि का विस्तृत ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए। संबंधित समिति दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण कर सुधारात्मक उपाय सुझाएगी। चिह्नित स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम करने और यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने को भी कहा गया।
जनवरी तक 40 चौराहों का कायाकल्प
बैठक में शहर के 40 प्रमुख चौराहों पर यातायात व्यवस्था सुधारने की परियोजना 'प्रोजेक्ट गिफ्ट' की भी समीक्षा हुई। जनवरी 2027 तक इन चौराहों पर लेफ्ट फ्री व्यवस्था, जरूरत के अनुसार यू-टर्न, दिशा-सूचक बोर्ड और रोड मार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित करने का लक्ष्य है। सभी चौराहों के साइट प्लान तैयार होने के साथ डीपीआर और टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसमें रामादेवी, टाटमिल, रावतपुर, घंटाघर, फजलगंज, विजय नगर, नौबस्ता, बड़ा चौराहा, गोल चौराहा, जरीब चौकी और किदवई नगर समेत 40 स्थानों पर सुधार कार्य कराए जाएंगे। डीएम ने पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, नगर निगम और केडीए को आपसी समन्वय से निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करने के निर्देश दिए।