जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट्स और प्रिंसिपल के नेतृत्व में टीचर्स जब रैंप पर उतरे तो तालियों और सीटियों के बीच कब सर्द रात गरम होने लगी पता ही नहीं चला।
वेस्टर्न और ट्रेडिशनल कपड़ों में गणेशियंस बिल्कुल प्रोफेशनल्स की तरह रैंप पर उतरे तो टीचर्स की लयबद्ध चाल ने स्टूडेंट्स को खूब चैलेंज किया। मौका था मेडिकल कॉलेज के कल्चरल फेस्ट ‘तरंग 2014’ के दूसरे दिन सोमवार का।
सुबह से लेकर रात तक जनहित के काम पौधरोपण के साथ गीत, संगीत की मस्ती के बीच कई प्रतियोगिताएं भी हुईं। पढ़ाई का टेंशन भूल स्टूडेंट्स ने खूब मस्ती की। बता दें कि ‘अमर उजाला’ लगातार तीसरी बार इस कार्यक्रम का मीडिया पार्टनर है।
रात के चढ़ते सुरूर के बीच फैशन शो ‘इंपीरियन’ शुरू करने सौरभ कुमार और रमशा सलीमुद्दीन स्टेज पर उतरे। सौरभ ने शायराना अंदाज में जब मेकअप के रंग पर कमेंट किया तो रमशा ने फौरन अपनी हाजिर जवाबी से उन्हें निरुत्तर कर दिया।
इसके बाद शुरू हुआ फैशन का जलवा। विंटर फैशन में सर्दी के कपड़े पहनकर स्टूडेंट्स रैंप पर उतरे। लयबद्ध स्टाइल पर खूब तालियां बजीं। जैसे-जैसे रैंप पर जलवा बढ़ता गया, सामने स्टूडेंट्स पर मस्ती की खुमारी चढ़ने लगी। दूसरा सेगमेंट स्ट्रीट फैशन का था।
स्टूडेंट्स बिल्कुल प्रोफेशनल अंदाज में रैंप पर उतरे और पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा दिखाई। फिर ट्रेडिश्नल इंडियन ब्यूटी राउंड की बारी आई। पांच जोड़े परंपरागत परिधानों साड़ी, लहंगा, शेरवानी आदि में रैंप पर उतरे तो टीचर्स भी अपनी भावनाओं का इजहार करने से खुद को नहीं रोक पाए। फिर रैंप पर उतरे बाइकर्स ने फैशन शो में स्टाइल का तड़का लगाया।
ब्लैक एंड रेड वाक टू वीमेन, क्रिएटिविटी फैशन और मंत्रा राउंड हुए।
स्टूडेंट्स के बार-बार अनुरोध पर प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार भी रैंप पर उतरे। उनके पीछे डॉ. किरन पांडेय, डॉ. संजय कुमार, डॉ. प्रशांत त्रिपाठी, डॉ. आरसी गुप्ता, डॉ. बीएन द्विवेदी, डॉ. नीना गुप्ता, डॉ. सीमा द्विवेदी आदि ने भी रैंप वाक किया।
प्रिंसिपल ने ‘ये बेवफाई क्यों’ गीत गाया तो स्टूडेंट्स ने खूब तालियां बजाईं। फैशन शो में इप्सिता मिश्रा व राजनिधि विनर रहीं। रनर अप संत मिश्रा रहे।
इससे पूर्व प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार ने फैशन शोक के चीफ गेस्ट डीएफओ रामकुमार का स्वागत किया। शो में प्रांजल मिश्रा, सविता मीना, संजय त्रिपाठी, इरम सिद्दीकी, मनोज कुमार, इप्शिता मिश्रा, सुरभि, अनुनय कुमार, दीक्षा सोनी, नरेंद्र, रोहित, आस्था सचान आदि ने प्रतिभाग किया।
रैंप पर उतरे टीचर्स, स्टूडेंट्स ने किया वेलकम
फैशन शो के पहले ‘तरंग 14’ के टीचर्स कॉर्निवाल में जीएसवीएम के टीचर्स ने आडिटोरियम में फैशन का जलवा बिखेरा। साड़ी पहनी डॉ. अमिता तिलक सबसे पहले रैंप पर उतरीं। इसके बाद तो टीचर्स एक के पीछे एक कर स्टाइल के साथ आते गए।
डॉ. किरन पांडेय, डॉ. सीमा द्विवेदी, डॉ. जीएन द्विवेदी, डॉ. नीना गुप्ता, डॉ. नीतू सिंह, डॉ. संजय कुमार, डॉ. डीएस मार्तोलिया, डॉ. ज्योति मार्तोलिया, डॉ. मोहम्मद अतहर, डॉ. शालिनी मोहन, डॉ. कुणाल सहाय को रैंप पर उतरा देख स्टूडेंट्स ने खड़े होकर उनका स्वागत किया।
प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार ने रैंप वाक करने वाले टीचर्स को सम्मानित किया।
‘प्यार करने वाले प्यार करते हैं शान से’
‘प्यार करने वाले प्यार करते हैं शान से, जीते हैं शान से, मरते हैं शान से’। पैरा जी टू की स्टूडेंट यशस्विनी सिंह ने जब यह गाना सुनाया तो ऑडिटोरियम में काफी देर तक तालियों और सीटियों की आवाज गूंजती रही। अवसर था इंडियन सांग सरगम का।
15 स्टूडेंट्स ने एक से बढ़कर एक गीत सुनाकर खूब वाहवाही बटोरी। ‘ये दिल संभल जा रहा फिर मोहब्बत करने चला है तू’, ‘खोया-खोया चांद है, खुला आसमान आंखों में सारी रात जाएगी तुमको भी कैसे नींद आएगी’, ‘जब-जब तेरे पास मैं आया, एक सुकून मिला’ आदि गीतों पर स्टूडेंट्स ने खूब तालियां बटोरीं।
गीतिका, मारिसा, निश्चल गोयल, सौम्या, सर्वेश, आकाश कुमार, सारंग, आकाश राय, कृतिका, शुभम, रजत, अनिरुद्ध, सलमान और सलिल ने गीत प्रस्तुत किए।
बाल श्रम ने सोचने पर किया मजबूर
डाक्यूमेंट्री फिल्म कंपटीशन ‘विजन 2014’ में शुभम सिंह रावत और आशीष कुमार सिंह निर्देशित ‘चाइल्ड लेबर’ ने बाल मजदूरी दिखाई। कानपुर में बाल मजदूरी की स्थिति पर जजेज ने भी इसे परफेक्ट फिल्म माना और प्रथम पुरस्कार दिया।
दूसरा पुरस्कार प्रीतिका मौर्या, इप्सिता मिश्रा, प्रतीक और स्वप्निल निर्देशित ‘सैनिटेशन एवं हाईजीन’ और तीसरा पुरस्कार संतोष दुबे, मुंजा सिद्दीकी व प्रवीन मौर्या निर्देशित फिल्म ‘जेंडर डिस्क्रिमिनेशन’ को मिला।
इसके अलावा प्रियंका साहू व सत्येंद्र की ‘अपलिफ्टिंग ऑफ गर्ल्स हॉस्टल’, पारुल सक्सेना, सोनल बिस्ट, चित्रा निर्देशित ‘जुगाड़ इनावेशन’, राज निधि, सर्वेश सिद्धार्थ निर्देशित ‘कम्युनल राइट’, कृति सिंह, द्राक्षा एजाज, जेनन राजपूत, सौम्या गर्ग निर्देशित ‘लिट्रेसी सिचुएशन इन इंडिया’, कनिष्क विस्नोई, रजन पंगति, शिवम सिंह, अनुराग त्रिपाठी निर्देशित ‘मेजर अगेंस्ट द इव टीजिंग’ पर डाक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई।
निर्णायक डॉ. सुमन लता वर्मा, डॉ. स्मिता चौहान, डॉ. वाईसी मिश्रा, डॉ. शैलेंद्र सिंह रहे। संचालन विमल कुमार सोनी, सविता शुक्ला, राघवेंद्र सिंह पटेल, विक्रांत मिश्रा, वरुण त्रिपाठी, आकांक्षा सोनी व प्रीतिका ने किया।
प्रतियोगिताओं में छाए गणेशियन
स्केचिंग प्रतियोगिता में प्रीतिका छाईं रहीं। द्वितीय स्थान पर सृष्टि राठौर रहीं। अंजली, गर्वित सिंह, नेहा राज, सृष्टि, हरजोत, गरिमा कुशवाहा, आरती राजपूत, साक्षी, रैचेल, सत्यम ने भी कागजों पर अपनी प्रतिभा को उकेरा। निर्णायक डॉ. डीएस मार्तोलिया व डॉ. समरजीत कौर रहे।
एग पेंटिंग प्रतियोगिता में अंजली ओझा प्रथम स्थान पर रहीं। द्वितीय पुरस्कार संयुक्त रूप से प्रीतिका व सौदामिनी को मिला। नाजरीन, सविता साहू, प्रशंसा, दिव्या, आरती राजपाल, सृष्टि राठौर, कीर्ति सिंह, अनुप्रिया व गरिमा ने भी अपनी प्रतिभा दिखाई।
निर्णायक डॉ. नीना गुप्ता रहीं।
टैटू मेकिंग में प्रथम स्थान अंजली राना व द्वितीय स्थान सौदामिनी को मिला। अंजली ओझा, सृष्टि, हर्षिता, प्रशंसा, सृष्टि राठौर, आरती राजपाल, रूबी बाला ने भी टैटू बनाए। निर्णायक डॉ. एसके बर्मन रहे।
हेयर स्टाइलिंग में स्वाती विजेता और सुप्रिया गौतम व सुरभि संयुक्त रूप से द्वितीय विजेता रहीं। निर्णायक डॉ. सीमा निगम रहीं। प्रतियोगिताओं का संचालन आकांक्षा यादव, श्रद्धा गुप्ता प्रथम, श्रद्धा गुप्ता द्वितीय, अदिति गुप्ता, निकिता सिंह, सुनीता कुशवाहा और शिवम गोयल ने किया।
आठ धुनों पर किया परफार्म
रॉक नाइट डिस्टार्शन में डॉ. शिवाजी देव वर्मन, कृष्णकांत साहू, विशाल तिवारी, पीटर लॉरिंजुवाला, केविसिको इरालू, शुबेंदु, गौरव, अनिरुद्ध, करन, इप्सिता व जुनेजा ने आठ धुनों पर परफार्म कर धमाल मचाया।