पीआरपी और स्टेम सेल का लाभ लिया जा सकेगा
खून के ग्रोथ फैक्टर अंग की बीमार कोशिकाओं को स्वस्थ कर देते हैं और रोगी की समस्या दूर हो जाती है। अस्थि रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. रोहित नाथ का कहना है कि इन रोगों में भी खून के ग्रोथ फैक्टर से लाभ मिलता है। इसके साथ ही घुटने में प्लाज्मा की चिकनाई राहत देती है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला का कहना है कि एमआरयू में नए उपकरण आ रहे हैं। इससे कोशिका स्तर पर शोध करने में आसानी होगी। इससे और भी रोगों में पीआरपी और स्टेम सेल का लाभ लिया जा सकेगा।
स्टेम सेल का दायरा भी बढ़ाया जा रहा
पीआरपी के अलावा रोगी के शरीर से स्टेम सेल निकालकर रोगों के इलाज का दायरा बढ़ाया जा रहा है। अभी तक न्यूरो संबंधी बीमारियों, डायबिटीज आदि में स्टेम सेल का इस्तेमाल किया गया है। इससे रोगी को अपेक्षित फायदा मिला है। इसके अलावा रीढ़ की चोट में भी इसका इस्तेमाल किया गया। अभी सवा दो सौ रोगियों को स्टेम सेल थेरेपी दी गई है। प्राचार्य डॉ. संजय काला का कहना है कि स्टेम सेल बैंक बनने के बाद और आसानी होगी। अभी रोगी की बोन मैरो से स्टेम सेल ली जाती है। इसके बाद नवजात की नाड़ की स्टेम सेल का भी इस्तेमाल किया जाएगा।