कानपुर के गोविंदनगर स्थित शिवानी इन्क्लेव में गुरुवार रात फ्लैट में पड़ी डकैती के मामले में पुलिस ने आशा गुप्ता के फ्लैट में काम करने वाली नौकरानी समेत छह लोगों से पूछताछ की। साथ ही सभी के मोबाइल भी जब्त कर लिए। पुलिस सभी की कॉल डिटेल और लोकेशन की पड़ताल करेगी।
छह बदमाशों ने गार्ड वीरेंद्र कुमार (70) को बंधक बनाकर प्रथम तल में रहने वालीं आशा गुुप्ता (75) के फ्लैट में धावा बोला था। नकदी समेत 14.50 लाख रुपये कीमत के जेवरात लूटकर भाग निकले थे। जाते समय बदमाशों ने दो साइकिलें भी लूटी थीं। थाना पुलिस ने अफसरों को गुमराह कर चोरी की रिपोर्ट दर्ज की थी, देर रात डकैती की धारा बढ़ाई गई।
शनिवार सुबह एसीपी गोविंदनगर विकास कुमार पांडेय, इंस्पेक्टर गोविंदनगर अनूप सिंह फोर्स संग मौके पर पहुंचे। टीम ने अपार्टमेंट में काम करने वाली नौकरानी, पूर्व गार्ड व तीसरे तल पर फर्नीचर का काम करने वाले मजदूरों को बुलाकर पूछताछ की। उनके बयान दर्ज करने के बाद सभी के मोबाइल भी जब्त कर लिए।
सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए थे धुंधले फुटेज
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास व आने जाने वाले रास्तों पर घर व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। जिसमें कई कैमरों में बदमाश साइकिल से जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार बरसात के चलते फुटेज धुंधली हैं। एक्सपर्ट की मदद से उसे साफ कराया जा रहा है। एसीपी गोविंदनगर का कहना है कि फुटेज साफ न होने के कारण डकैतों की पहचान नहीं हो सकी है। इलाके के अन्य कैमरे भी खंगाले जा रहे हैं।
पुलिस की पांच टीमों ने संभाली कमान
डकैती के खुलासे के लिए एडीसीपी साउथ डॉ. अनिल कुमार ने क्राइम ब्रांच, सर्विलांस समेत पांच टीमों को लगाया है। इन सभी टीमों को अलग-अलग टास्क दिए गए हैं। जिसमें डीसीपी की क्राइम ब्रांच, सर्विलांस, एसीपी और स्थानीय पुलिस की टीम भी शामिल है। इसके अलावा सर्किल के थाने को भी लगाया गया है। ये टीमें सीसीटीवी कैमरे, लोकेशन, मुखबिर के जरिये डकैतों की तलाश में जुटी हैं। इसके साथ ही एक टीम गहने खरीदने और बेचने वालों पर भी पैनी नजर रखे है।
शातिर अपराधियों का खंगाला जा रहा ब्यौरा
पुलिस सूत्रों के अनुसार एक टीम को शातिर अपराधियों का ब्यौरा जुटाने में लगाया गया है। जो लूट या डकैती के मामले में जेल भेजे गए थे। जेल से छूटने के बाद उनकी वर्तमान स्थिति व जो जेल में बंद हैं उनसे भी पूछताछ कर गिरोह के बारे में पता लगाने का प्रयास करेगी।
दहशत में आई वृद्धा ने फ्लैट छोड़ा
डकैती की शिकार हुईं आशा गुप्ता वारदात के बाद से इतने दहशत में हैं कि किसी से भी बातचीत करते समय उनके हाथ पैर कांपने लगते हैं, जुबान लड़खड़ाने लगती है। वह फ्लैट पर ताला डालकर बेटी रानी संग उनके घर चली गईं।
स्टील के दरवाजे लगवा रहे लोग
डकैती से दहशत में आए अपार्टमेंट में रहने वाले कई लोगों ने अपने फ्लैट के मुख्य दरवाजे के बाहर स्टील का दरवाजा भी लगवाना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि बिल्डर द्वारा लाखों रुपये लेने के बाद भी फ्लैट में कमजोर दरवाजा लगाकर दिया गया। जिसके चलते डकैतों ने आशा देवी के फ्लैट को निशाना बनाया था।