कानपुर देहात। जायद फसलों की सिंचाई के समय मोटर व बिजली खराबी से 17 राजकीय नलकूप ठप पड़े हैं। इससे करीब 750 हेक्टेयर फसलों की सिंचाई का संकट बना हुआ है। इधर मेहनत कर बोयी गई मूंग, उड़द व मक्का की फसलों की सिंचाई निजी नलकूप से कराने में किसानों के अधिक रूपये खर्च हो रहे हैं।
नलकूप विभाग के आकड़ों के अनुसार मार्च व अप्रैल में 17 नलकूप बंद थे। इनको 15 दिन में चालू कराने का दावा किया गया था। इधर समयावधि बीतने के बाद भी अधिकांश नलकूप बंद हैं। अधिकारियों का दावा है कि नलकूप ठीक कराए जा रहे हैं। मंगलवार को संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में अमरौधा, झींझक व सरवनखेड़ा क्षेत्र के चार नलकूप ठप मिले। किसानों ने बताया कि नलकूपों को मार्च व अप्रैल में खराबी से बंद होना दिखाया गया है। हकीकत में कई नलकूप साल भर से अधिक समय से ठप होने की स्थिति सामने आई। डेरापुर ब्लॉक में सरगांव खुर्द व छोटी बिरिया के राजकीय नलकूप बिजली खामी से ठप बताए गए थे जबकि खामी मोटर से संबंधित मिली। दोनों नलकूप के साल भर से बंद होने की बात सामने आई। विभागीय स्तर पर इन नलकूपों को दुरुस्त नहीं कराया जा सका है।
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बयान.......
जिले की वर्कशॉप कानपुर में स्थित है। सूचना पर खराब मोटर वर्कशॉप में भेजी जाती है। ठीक होकर आने पर बदला जाता है। कई मोटर ठीक करा ली गई है। जल्द ही राजकीय नलकूप से सिंचाई शुरू हो जाएगी। - गजेंद्र सिंह, एई नलकूप
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केस एक :
फोटो- 7 जुनैदापुर में ठप राजकीय नलकूप। संवाद
जुनैदापुर में चार माह से नलकूप ठप
अमरौधा के जुनैदापुर में राजकीय नलकूप चार माह से ठप है। इधर विभाग का दावा है कि 12 अप्रैल को मोटर खराबी से नलकूप बंद है। मंगलवार को ग्रामीणों ने बताया कि चार माह से नलकूप खराब है। मोटर या स्टार्टर खराब होता है तो सही कराने को चंदा देना पड़ता है।
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फोटो-24 हरचंदापुर में राजकीय नलकूप की खुली पड़ी मोटर व रखे निकाले गए पाइप दिखाते किसान। संवाद
केस दो :
पैनल व नई केबल मांगी तो मोटर छोड़ गए कर्मी
सरवनखेड़ा के हरचंदापुर का नलकूप छह माह से ठप है। हालांकि विभाग 11 अप्रैल से नलकूप बंद होना बता रहा है। किसान गोरे सचान व वीरेंद्र ने बताया कि एक पखवाड़ा पहले खराब मोटर खोली गई। चार दिन बाद दुरुस्त कराई गई मोटर लेकर कर्मी पहुंचे तो किसानों ने पैनल व नई केबल की मांग की। इस पर कर्मी मोटर छोड़कर चले गए। करीब 100 बीघे जायद की फसल सिंचाई का संकट है। जेई सुजीत कुशवाहा ने बताया कि मोटर ठीक कराकर भेजी गई है। दो दिन के भीतर मोटर डलवाकर नलकूप संचालित कराया जाएगा। (संवाद)
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फोटो-25 मलगांव में खराब राजकीय नलकूप। स्रोत ग्रामीण
फोटो-26 रामपुर टप्पेवान गांव में खराब राजकीय नलकूप।स्रोत ग्रामीण
केस तीन :
मलगांव व रामपुर के नलकूप ठप, मुरझा रही फसल
झींझक के मलगांव व रामपुर टप्पेवान के राजकीय नलकूप खराब होने से फसलें मुरझा रही हैं। मलगांव रिक्कू सिंह, अमित व रामपुर टप्पेवान के मजरा सकरसी के राजू राजपूत व प्रमोद ने बताया कि 100 बीघा से अधिक फसल की सिंचाई का संकट है। करीब एक माह से अधिक समय से नलकूप खराब है। भीषण गर्मी में खेत की नमी सूख रही है। निजी नलकूप से महंगी सिंचाई से बजट बिगड़ रहा है।
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किसानों ने बयां किया दर्द
फोटो-8 नितिन, जुनैदापुर
राजकीय नलकूप नवंबर के पहले खराब हो गया था। इसके बाद से इसे ठीक नहीं कराया जा सका है। इसके पहले मोटर और स्टार्टर खराब होने पर चंदा देना पड़ा था। निजी नलकूप से सिंचाई में फसल लागत बढ़ने से नुकसान है। - नितिन, जुनैदापुर
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फोटो- 9 शुभम, जुनैदापुर।
नलकूप से 50 हेक्टेयर फसल की सिंचाई निर्भर है। सरकारी नलकूप ठप होने पर निजी नलकूप से 120 रुपये प्रति घंटे में फसल सिंचाई होती है। प्रति बीघा सिंचाई में तीन से चार घंटे लगते हैं। इससे लागत बढ़ गई है। - शुभम, जुनैदापुर