कानपुर में डॉक्टर की क्लीनिक के मेडिकल स्टोर से एक्सपायरी और सरकारी दवाएं बरामद होने के मामले में एडीजे 12 रवींद्र कुमार द्वितीय ने डॉक्टर को जेल भेजने का फैसला सुनाया। हृदयरोगी होने का हवाला देने पर कोर्ट ने जेल अधीक्षक को जांच कर उचित कार्रवाई का आदेश भी दिया। इसके बाद पेशी से लौटते वक्त उनकी हालत बिगड़ गई। जिला जेल के अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया।
जूही थानांतर्गत एम. ब्लॉक में डॉ. आरके गुप्ता (55) का क्लीनिक है। शनिवार को ड्रग इंस्पेक्टर की टीम ने छापा मारकर क्लीनिक के मेडिकल स्टोर से पांच बोरी दवाएं बरामद कीं थीं। इसमें कुछ एक्सपायरी डेट की दवाएं और कुछ सरकारी अस्पताल में मिलने वाली दवाएं थीं। जूही थाने में पूछताछ के दौरान डॉक्टर को हार्ट में दिक्कत हुई। इस पर पुलिस ने उन्हें उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया। रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण रिमांड मजिस्ट्रेट ने उर्सला पहुंचकर डॉक्टरों से उनकी रिपोर्ट ली थी। सोमवार सुबह उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी को एडीजे 12 की कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने रिमांड स्वीकृत करते हुए आरोपी को जेल भेजने का फैसला सुनाया। पेशी से लौटते समय लिफ्ट के पास हॉल में आरोपी डॉक्टर पुन: चक्कर खाकर गिर पड़े और बेहोश हो गए। आनन-फानन में उन्हें लीलामणि अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने भर्ती करने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्हें जिला जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।