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गोपालदास नीरज को कैसे पता था 'अटल की मृत्यु' का दिन

Sat, 18 Aug 2018 05:08 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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‘अटल जी, मेरी मौत के 30 दिनों के भीतर आपको भी है जाना’
पद्मभूषण कवि गोपालदास की भविष्यवाणी तब भी लोगों के लिए आश्चर्य का विषय थी और आज भी है। आखिर नीरज को कैसे पता था 'अटल की मृत्यु' के दिन के बारे में। हर किसी के जेहन में बस यही सवाल उठ रहा है कि भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी और गोपाल दास नीरज के बीच आत्मा से जुड़ा ऐसा क्या गहरा संबंध था कि दो साल पहले ही नीरज ने अटल की मृत्यु के बारे में भविष्यवाणी कर दी थी। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि नीरज की भविष्यवाणी 'अटल' साबित होगी। 

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ज्योतिष के जानकार कवि नीरज की भविष्यवाणी सच साबित हुई
ग्रहों का ऐसा योग है कि मेरी मृत्यु के 30 दिन के भीतर आपको भी संसार से विदा लेनी होगी, अटल जी। कभी यह शब्द पद्मभूषण गोपाल दास ‘नीरज’ ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से कहे थे। नीरज की यह भविष्यवाणी सही साबित हुई। नीरज का निधन 19 जुलाई को हुआ जबकि ठीक 28 दिन बाद ही 16 अगस्त को वाजपेयी भी चिरनिद्रा में चले गए।

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नीरज की भविष्यवाणी
अटल के साथ कवि सम्मेलन के कई मंच साझा करने वाले नीरज कानपुर के डीएवी कॉलेज में अटल के बराबर वाले कमरे में ही रहते थे। सक्रिय राजनीति के दिनों में अटल ने विभिन्न अवसरों पर कई पत्र नीरज को लिखे। अब इन पत्रों को उनके बेटे मिलन प्रभात गुंजन ने संभाल कर रखा है। मिलन प्रभात गुंजन कहते हैं कि जब पिताजी को पद्मश्री सम्मान मिला तो अटलजी ने पत्र लिखकर बधाई भेजी।

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अटल की मृत्यु को लेकर गोपालदास नीरज की भविष्यवाणी
इसके बाद जब अटल बिहारी वाजपेयी पहली बार प्रधानमंत्री बने, उस वक्त पिताजी ने अटल से कहा था कि वक्त आपके लिए स्थायी नहीं है। यह सरकार नहीं चलेगी, जल्द ही आपको पद छोड़ना होगा। आगे फिर अवसर मिलेगा। उनकी सरकार 13 दिन ही चली। बाद में 13 महीने की सरकार चली। इसके बाद एक पूर्ण कार्यकाल वाली सरकार का नेतृत्व वाजपेयी ने किया। मिलन प्रभात गुंजन कहते हैं, पिताजी को ज्योतिष का अच्छा ज्ञान था। अटलजी और पिताजी के जन्म में 10 दिन का ही अंतर था।
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