ये काम होंगे पनकी स्टेशन में
- स्टेशन परिसर में आने जाने के लिए मुख्य रास्ता एक पैदल यात्री पुल है। यह संकरा है और आने जाने वाले यात्रियों को दिक्कतें होती हैं। लिहाजा एक अन्य पैदल यात्री पुल और एस्केलेटर बनाया जाएगा।
- स्टेशन परिसर में यात्री सुविधाओं के बढ़ाने के लिए खान-पान के स्टॉल बढ़ेंगे। यहां पर वाटरिंग सिस्टम स्थापित होगा, जिससे ट्रेनों के कोच में पानी भरा जा सके। बैठने के लिए एसी प्रतीक्षालय भी बनाया जाएगा।
जूही स्टेशन की जरूरत क्यों
सेंट्रल स्टेशन पर ट्रेनों के बढ़ते लोड को घटाने के लिए कुछ ट्रेनें गोविंदपुरी स्टेशन को शिफ्ट की गई हैं। कुछ ट्रेने पनकी धाम में शिफ्ट की जानी हैं। लेकिन, लंबी दूरी की ट्रेनों को पनकी धाम स्टेशन पर शिफ्ट करना व्यवहारिक नहीं माना जा रहा है, क्योंकि शहर से इसकी दूरी काफी ज्यादा है।
30 से 35 फीसदी लोड कम होगा
इसी बात को ध्यान में रखकर जूही यार्ड में तीसरा नया रेलवे स्टेशन बनाया जाना है। रेलवे बोर्ड इस परियोजना के लिए बजट का प्रावधान करेगा। अनुमान है कि इस स्टेशन के बनने से सेंट्रल का 30 से 35 फीसदी लोड कम हो जाएगा। इसकी कनेक्टिविटी गोविंदपुरी, सेंट्रल और चंदारी से होगी। यहां से उत्तर और दक्षिण शहर में यात्री आसानी से आ जा सकेंगे।
दो अप लाइन और दो डाउन लाइन के प्लेटफार्म होंगे
जूही यार्ड रेलवे स्टेशन के लिए दो सर्वे हो चुके हैं। यहां पर 34 रेल पटरियां हैं। पहली सर्वे रिपोर्ट में 16 पटरियों के बीच में आठ-आठ पटरियों के दो प्लेटफार्म बनाया जाना तय हुआ था। वहीं दूसरी रिपोर्ट में चार प्लेटफार्म बनाए जाने का प्रस्ताव दिया गया। इसमें से दो अप लाइन और दो डाउन लाइन के प्लेटफार्म होंगे। तीसरा सर्वे इसी महीने होगा। इस सर्वे में कितनी ट्रेनें इस नए रेलवे स्टेशन पर शिफ्ट होंगी, यह तय किया होगा।
पनकी धाम रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत योजना के तहत यात्री सुविधाएं बढ़ाने का काम शुरू हुआ है। यहां पर ट्रेनों का ठहराव होगा और आसपास के शहरों की मेमू ट्रेनें चलेंगी, जबकि जूही के नए प्रस्तावित स्टेशन से ट्रेनों के चलने से सेंट्रल का लोड कम होगा। -हिमांशु शेखर उपाध्याय, सीपीआरओ, एनसीआर