बरामद सोने की खरीद के संबंध में इत्र कारोबारी पीयूष जैन के पास कोई ठोस सुबूत नहीं है। डीजीजीआई ने उसके घर से विदेशी सोना बरामद किया है। पीयूष का अपराध देश की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाने वाला है। उसे जमानत देने से कस्टम ड्यूटी की चोरी करने वालों का हौसला बढ़ेगा।
इन्हीं टिप्पणियों के साथ सोना तस्करी मामले में आरोपी पीयूष जैन की जमानत अर्जी प्रभारी विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट स्नेहा ने खारिज कर दी। पीयूष की ओर से अधिवक्ता चिन्मय पाठक ने तर्क रखा था कि पीयूष के पास से 23 किलो सोने की बरामदगी दिखाई गई है।
इसमें से 11 किलो सोने पर कोई विदेशी मुहर नहीं है। डीआरआई (डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस) के पास सोना तस्करी के पर्याप्त सुबूत नहीं हैं। पीयूष अभ्यस्त अपराधी नहीं है। इससे पहले उस पर कोई मुकदमा नहीं चला। पीयूष काफी समय से जेल में है।