फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मैंने तो सच्चा प्यार किया था, वही मेरी मौत की वजह बनेगा पता नहीं था

Sat, 11 Feb 2017 06:04 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
डेमो
विज्ञापन
सुसाइड लेटर में हिमांशी ने लिखा है कि इसके अलावा उसके पास कोई ‘आप्शन’ नहीं है। उसने गलत इंसान से प्यार किया...
विज्ञापन




 
Trending Videos

दर्द को झेल पाना हो गया था आपे से बाहर

डेमो
बांदा की रहने वाली हिमांशी दुनिया को अलविदा कह गई है। उसे नहीं पता था कि प्यार करना गुनाह है। इसके लिए उसने अपने मम्मी-पापा से माफी मांगी है। सुसाइड लेटर में एक युवक का नाम लिखते हुए कहा है कि उसे उसने अपनी जिंदगी दे दी थी। सच्चा प्यार किया था। लेकिन उसने हर समय धोखा किया।

यही नहीं हिमांशी ने लिखा, उसने मुझसे शादी की थी। मुझे नहीं पता था कि वह अपने वादे से मुकर जाएगा। प्यार में मिले धोखे से हिमांशी उभर नहीं पाई। इस दर्द को झेल पाना जब उसके आपे से बाहर हो गया तो उसने अात्महत्या कर ली।  
 

लिखकर गई कि इन सबके लिए उसे सजा जरूर दिलवाना

डेमो
लेकिन वह यह लिखकर गई है कि इन सबके लिए उसे सजा जरूर दिलवाना, छोड़ना नहीं। उसी ने उसे सुसाइड के लिए मजबूर किया है। दो लड़कियों के नाम लिखते हुए कहा है कि उन्हें भी इस सबकी जानकारी है। उनसे पूछा जा सकता है। अंत में लिखा है कि दुनिया के सबसे अच्छे उसके मम्मी-पापा हैं। 

 

पढ़ने में थी अव्वल

डेमो
इंटर में टॉपर रही बीएससी की छात्रा ने बांदा में नेशनल हाईवे पर बने पुल से केन नदी में छलांग लगा दी। देर रात तक गोताखोर और पुलिस नदी में उसकी तलाश करते रहे। लेकिन कुछ पता नहीं चला। पुलिस को मौके पर छात्रा की स्कूटी, मोबाइल और सुसाइड लेटर मिला है। फौरीतौर पर इसे प्रेम प्रसंग से जुड़ा मामला बताया जा रहा है। 

घटना शुक्रवार को दिन में करीब चार बजे के आसपास की है। बांदा के जीआईसी में लेक्चरर रामरतन राजपूत की लगभग 20 वर्षीय पुत्री हिमांशी राजपूत ने अपनी स्कूटी शहर के नजदीक भूरागढ़ के पास नेशनल हाइवे पर केन नदी में बने पुल पर खड़ी कर दी और अपने जूते वहीं उतारकर मोबाइल फोन भी रख दिया। वहां से गुजर रहे राहगीरों के मुताबिक हिमांशी ने नदी में छलांग लगा दी।

 
विज्ञापन

2015 में किया था इंटर टॉप

डेमो
सूचना मिलने पर कुछ देर बाद यूपी-100 पुलिस पहुंच गई। इसके कुछ देर बाद मटौंध थाना इंस्पेक्टर अब्दुल रज्जाक भी फोर्स के साथ पहुंच गए। छात्रा के माता-पिता भी मौके पर आए। गोताखोर मल्लाहों की मदद से नाव के जरिए जाल व कांटे डालकर छात्रा की तलाश शुरू हुई। लेकिन देर शाम तक कुछ पता नहीं चला। अंधेरा हो जाने पर पुलिस और मल्लाहों ने तलाश अगले दिन तक के लिए रोक दी। छात्रा का परिवार शहर के किरन कालेज चौराहा के पास रहता है। 

उधर, छात्रा के पिता ने बताया कि हिमांशी का प्रेम प्रसंग डीएम कालोनी निवासी एक युवक से चल रहा था। युवक ने उसे पहले शादी का झांसा दिया और बाद में इंकार कर दिया। इसी से क्षुब्ध होकर उसकी पुत्री ने यह कदम उठाया है। उधर, सुसाइड लेटर के बारे में पुलिस टालमटोल करती रही। मटौंध थाना पुलिस का कहना था कि सुसाइड लेटर यूपी-100 टीम के पास है। जबकि यूपी-100 पुलिस टीम का कहना था कि थाना पुलिस के पास है। 

2015 में किया था इंटर टॉप
नदी में छलांग लगाने वाली कुमारी हिमांशी राजपूत इस वर्ष बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। जेएन डिग्री कालेज में पढ़ रही थी। वर्ष 2015 में हिमांशी ने यूपी बोर्ड से इंटरमीडिएट परीक्षा में विज्ञान वर्ग से 92 प्रतिशत अंकों के साथ जिला टॉप किया था। पिता ने बताया कि हिमांशी की अभी कहीं शादी तय नहीं हुई थी। उसकी बड़ी बहन भी अभी अविवाहित है। हिमांशी से छोटा एक भाई है। 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें