कानपुर। दाखिले के लिए छात्राओं की पहली पसंद रहने वाला आईआईटी बांबे इस बार आईआईटी कानपुर से पिछड़ गया है। आईआईटी बांबे में जहां 19.57 प्रतिशत छात्राओं ने प्रवेश लिया है वहीं आईआईटी कानपुर में यह आंकड़ा 20.41 प्रतिशत है। हालांकि छात्राओं की पहली पसंद आईआईटी तिरुपति रहा है जहां 21.57 फीसदी छात्राओं ने प्रवेश लिया। यह खुलासा आईआईटी कानपुर की ओर से जारी जेईई एडवांस्ड 2025 की रिपोर्ट में हुआ है।
छात्राओं को इंजीनियरिंग के प्रति बढ़ावा देने के उद्देश्य से आईआईटी काउंसिल ने इस बार 20 फीसदी छात्राओं को दाखिला देने का लक्ष्य दिया था। इसमें टॉप संस्थानों में आने वाले आईआईटी बांबे, खड़गपुर भी पिछड़ गए है। यह संस्थान 20 फीसदी के लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाए हैं। वहीं आईआईटी धनबाद, भुवनेश्वर व रोपड़ भी पीछे रह गए हैं जबकि आईआईटी तिरुपति, मद्रास, दिल्ली व कानपुर में सर्वाधिक बेटियों ने प्रवेश लिया है।
आईआईटी में दाखिले के लिए होने वाली जेईई एडवांस्ड इस बार आईआईटी कानपुर ने आयोजित की थी। इसकी रैंक के आधार पर जोसा (ज्वाइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी) काउंसिलिंग से प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो गई है। 23 आईआईटी में निर्धारित 18,160 सीट पर कुल 3,664 बेटियों ने प्रवेश लिया है। रिपोर्ट के अनुसार निर्धारित लक्ष्य (बीस फीसदी) से पांच संस्थान आईआईटी खड़गपुर, बांबे, धनबाद, भुवनेश्वर व रोपड़ ही पीछे रह गए हैं। आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि इस बार लक्ष्य से अधिक छात्राओं ने दाखिला लिया है। यह अच्छा है कि इंजीनियरिंग के क्षेत्र में छात्राएं आगे बढ़ रही हैं।
छात्राओं के दाखिले की स्थिति
संस्थान
प्रवेश
छात्राएं
फीसदी
तिरुपति
255
55
21.57
मद्रास
1124
237
21.09
दिल्ली
1241
256
20.63
इंदौर
480
99
20.63
रूड़की
1356
278
20.50
कानपुर 1215
248
20.41
रोपड़
646
129
19.97
भुवनेश्वर
496
99
19.96
धनबाद
1213
242
19.95
बांबे
1364
267
19.57
खड़गपुर
1923
369
19.19