इटावा के जसवंतनगर में सिरहौल गांव में गुरुवार शाम को कक्षा 11 की छात्रा ने फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के समय किशोरी घर पर अकेली थी। पिता, चाचा दुकान और बहन घर से बाहर गई थी। छात्रा की मां की तीन महीने पहले मौत हो गई थी। मां की मौत के बाद से छात्रा तनाव में रहती थी।
सरहौल निवासी धुर्वेश कुमार की जसवंतनगर के मोहल्ला रेलमंडी में दुकान है। उनकी पत्नी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संगीता की तीन महीने पहले मौत हो गई थी। गुरुवार शाम को धुर्वेश और उनका भाई पीयूष के साथ दुकान पर थे। घर पर दो बेटियां अर्चिता और पूर्णिमा थी। शाम करीब छह बजे पूर्णिमा घर से बाहर चली गई।
इसी बीच अर्चिता ने कमरा बंद कर फांसी लगा ली। शाम को धुर्वेश दुकान बंदकर घर लौटे तो अर्चिता का शव फांसी पर लटका देखा। सूचना पर जसवंतनगर थाना प्रभारी अनिल कुमार भी पहुंच गए। सूचना पर सीओ उत्तम सिंह पहुंच गए। पुलिस ने जांच पड़ताल कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। ग्रामीणों ने बताया कि मां के अलावा परिवार के ताऊ उमेश चंद्र और ताई सुमन देवी की कुछ महीने पहले मृत्यु हो गई थी। इससे वह तनाव में थी।