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GAY Dating App: पांच माह पहले शुरू किया गंदा धंधा, शिकार ढूंढते और कमरे पर ही बुलाकर बनाते थे संबंध, फिर...

Thu, 10 Aug 2023 12:47 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

पुलिस की पूछताछ में आरोपी छात्रों ने बताया कि उन्होंने करीब पांच महीने पहले ठगी का यह खेल शुरू किया था। सभी छह साथियों को एक दूसरे के इस खेल में शामिल होने का पता था। प्रत्येक छात्र ब्लूड एप पर बनाई हुई अपनी आईडी से अपना शिकार खोजता था। 
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गे-डेटिंग एप के माध्यम से समलैंगिक युवकों को फंसाकर उन्हें ब्लैकमेल करने वाले गिरोह के छह सदस्यों को पूछताछ के बाद पुलिस ने जेल भेज दिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने उनके गिरोह में सिर्फ उन्हीं छह लोगों के शामिल होने का दावा किया है। हालांकि, पुलिस को उनके काकादेव कोचिंग मंडी में भी अपना जाल फैला रखने की आशंका है। 
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इसकी पुष्टि के लिए आरोपी छात्रों के मोबाइल फोन की सीडीआर खंगाली जा रही। वहीं, उनके बैंक खातों की डिटेल पता करने के लिए पुलिस की ओर से बैंकों को पत्र जारी किया जाएगा।
मंगलवार को पुलिस ने ब्लूड नाम के गे-डेटिंग एप का इस्तेमाल करके सैकड़ों युवकों को ठगने वाले कानपुर में पढ़ने आए छह छात्रों के गिरोह का भंडाफोड़ किया था। 
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आरोपियों की पहचान जालौन के कालपी गांव बैरी निवासी सरगना दिलीप उर्फ प्रद्युम्न सिंह (21), कानपुर देहात के राजपुर निवासी बृजेंद्र सिंह (19), कानपुर देहात राजपुर निवासी प्रवीन सिंह (20), महोबा के गांधीनगर निवासी अरुण राजपूत (22), जालौन के कालपी बैरी गांव निवासी विपिन सिंह (21), मैनपुरी के भोगांव रूई निवासी पवन कुमार (22) के रूप में हुई थी।

एडीसीपी वेस्ट लाखन यादव ने बताया कि छात्रों ने पूछताछ में बताया कि सिर्फ उन्हीं छह लोगों ने मिलकर अपना गिरोह बना रखा है। उनके बैंक खातों की डिटेल पता करने के लिए बैंकों से पत्राचार किया जाएगा। इससे साफ हो सकेगा कि उन्हेंने कितने लोगों से और कितने रुपयों की अब तक वसूली की है। 

उन्होंने अन्य पीड़ितों से भी अपनी पहचान छिपाकर सामने आने की अपील की है, जिससे आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। कल्याणपुर थाना प्रभारी धनंजय पांडेय के अनुसार काकादेव कोचिंग मंडी में उनकी चहल कदमी का पता चला है। ऐसे में उनके गिरोह में कोचिंग मंडी से कुछ और लोगों के शामिल होने की आशंका है। 

उनके पास से बरामद मोबाइल नंबरों की सीडीआर निकलवाई जा रही है, जिससे पता चल सकेगा कि उनके गिरोह में कोई और शामिल है या नहीं। वहीं, बुधवार सुबह छात्रों के परिजन कल्याणपुर थाने पहुंचे, जहां से उन्हें कोर्ट भेज दिया गया। इस दौरान शर्मिंदगी के कारण उन्होंने किसी से बात नहीं की।

पांच माह पहले शुरू किया धंधा, 25 लोगों को बनाया अपना शिकार
पुलिस की पूछताछ में आरोपी छात्रों ने बताया कि उन्होंने करीब पांच महीने पहले ठगी का यह खेल शुरू किया था। सभी छह साथियों को एक दूसरे के इस खेल में शामिल होने का पता था। प्रत्येक छात्र ब्लूड एप पर बनाई हुई अपनी आईडी से अपना शिकार खोजता था। जब आपस में मिलने की डेट फिक्स हो जाती थी तब मदद के लिए अन्य साथियों को शामिल कर लिया जाता था, जो पीड़ित के साथ लूटपाट, मारपीट के साथ ही उन्हें पुलिस की वर्दी पहनकर डराने धमकाने का काम करते थे। 

आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अब तक कुल 25 लोगों को इस तरह से अपना शिकार बनाया है। व्यक्ति की हैसियत के अनुसार उसे ब्लैकमेल किया जाता था, जिससे लाखों हड़पने की आशंका है। थाना प्रभारी धनंजय पांडेय के अनुसार 25 में से अब तक पांच पीड़ित पुलिस के सामने आ चुके हैं। यदि अन्य पीड़ित पुलिस के पास शिकायत लेकर आएंगे तो उनकी पहचान छिपाकर कार्रवाई की जाएगी।

कमरे पर ही बुलाकर बनाते थे संबंध, फिर करते थे ब्लैकमेल
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि आरोपी छात्र अपने शिकार को मिलने के लिए अपने कमरों पर रात के वक्त बुलाते थे। कई बार आसपास के लोग युवकों को उनके कमरे पर जाते हुए देखते भी थे तो एक युवक का दूसरे युवक के कमरे में जाने को लेकर कभी किसी को कुछ गलत नजर नहीं आया। 
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इसका फायदा आरोपी छात्रों ने उठाते हुए मकान मालिक से बचते हुए कमरे को ही वसूली का अड्डा बना रखा था। शिकार के कमरे पर पहुंचने पर उनके साथ शारीरिक संबंध बनाते हुए वीडियो बनाकर बाद में समाज में बदनामी का डर दिखाकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था।
 
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