उन्नाव जिले के सफीपुर क्षेत्र में खोखापुर निवासी शिवशंकर का बेटा ज्ञानेंद्र (21), बेचेलाल का बेटा विशाल दिवाकर (20) अपने परिवार और गांव वालों के संग बिठूर के लक्ष्मण घाट पर मूर्ति स्थापना पूजन को लेकर गए थे। दोनों पूजन से पहले नदी में नहाने चले गए।
अधिक गहराई में जाने की वजह से वे डूबने लगे। यह देख कुछ लोगों ने नदी में छलांग लगाई, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। बिठूर थाना प्रभारी अमरनाथ विश्वकर्मा ने बताया कि शनिवार को दोबारा उनकी तलाश की जाएगी।
वहीं, कानपुर के चकेरी इलाके में गिरिजा नगर गदियाना निवासी राकेश रावत (40) पत्नी मौसमी और बेटी दिव्यांशी के साथ रहते थे। वह शुक्रवार को इलाके के ई-रिक्शा चालक पंकज पांडेय (38), धर्मेंद्र तिवारी और पंकज वर्मा के साथ सिद्धनाथ घाट पर नदी नहाने गए थे। चारों नदी में उतरे और गहराई में जाने से डूबने लगे।
गोताखोरों ने किसी तरह धर्मेंद्र और पंकज वर्मा को बचा लिया। लेकिन पंकज पांडेय और राकेश नदी में डूब गए। करीब एक घंटे के बाद गोताखोरों ने उनके शवों को बाहर निकाला। जाजमऊ थाना प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। सभी के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।