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कानपुर में 4 और लोगों को स्वाइन फ्लू, 5 में दिखे लक्षण, ये हैं संक्रमण से बचने के उपाय

Sun, 06 Aug 2017 12:03 AM IST
मनोज चौरसिया, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
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स्वाइन फ्लू वायरस हवा के माध्यम से तेजी से फैलता जा रहा है। शनिवार को कानपुर में चार और मरीजों को स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हुई। इससे संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। वहीं पांच अन्य मरीजों में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण मिले हैं। इनमें से दो की जांच मेडिकल कालेज से कराई जा रही है। डेंगू का भी खतरा बढ़ा है। 30 मरीजों की डेंगू की जांच कराई जा रही है। उधर, स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू ग्रस्त मरीजों के परिजनों को संक्रमण से बचाने के लिए दवाएं दीं।
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स्वास्थ्य विभाग ने तीन अगस्त को स्वाइन फ्लू जैसे लक्षणों वाली दो महिलाओं सहित चार मरीजों के नमूने जांच के लिए एसजीपीजीआई, लखनऊ भेजे थे। इनमें से लालबंगला के एक नर्सिंगहोम और बर्रा के नर्सिंगहोम में भर्ती महिला में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। जिला महामारी वैज्ञानिक डॉ. देव सिंह ने बताया कि इन मरीजों के परिजनों को भी स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए दवाएं (टेमीफ्लू) दी गई हैं। कल्याणपुर निवासी 40 वर्षीय मरीज भी दो दिन पहले एसजीपीजीआई में जांच कराने गया था, उसे भी स्वाइन फ्लू होेने की पुष्टि हुई। इस मरीज का इलाज उसी के घर में किया जा रहा है। उन्होंने उसके घर जाकर मरीज का इलाज करने के साथ ही उसके परिवार के  दो बच्चों सहित सात लोगों को इससे बचाव के लिए टेमीफ्लू का 10 - 10 दिन का डोज दिया। लखनऊ से पांच अन्य मरीजों की जांच रिपोर्ट पता नहीं चल पाई है।
मेडिकल कालेज के बाल रोग विभाग में डॉक्टर को दिखाने के बाद स्वाइन फ्लू का एक मरीज दोपहर में उर्सला अस्पताल पहुंचा। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि तीमारदारों का कहना था कि निजी पैथालॉजी से जांच में उसे स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती होने के लिए कहा गया, पर वह भर्ती होने से इनकार करते हुए चला गया।
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मेडिकल कालेज, हैलट पहुंचा स्वाइन फ्लू का वायरस
स्वाइन फ्लू का वायरस मेडिकल कालेज और हैलट तक पहुंच गया है। कालेज के आवासीय परिसर में रहने वाले एक डॉक्टर के एक साल के बच्चे और हैलट परिसर में रहने वाले एक एक्सरे तकनीशियन की सात साल की बेटी में स्वाइन फ्लू के लक्षण नजर आए हैं। संक्रामक रोग चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके शुक्ला ने बताया कि इन दोनों मरीजों की जांच के लिए नमूने लिए गए। उधर, हैलट ओपीडी में मेडिसिन विभाग के डॉ. कुणाल सहाय ने बताया कि उनके पास स्वाइन फ्लू जैसे लक्षणों वाले चार और डेंगू जैसे लक्षणों वाले पांच मरीज आए। इन मरीजों को जांच कराने के लिए कहा गया है। 

अस्पताल से ले गए स्वाइन फ्लू मरीज
सर्वोदय नगर स्थित स्वाइन फ्लू ग्रस्त एक साल के बच्चे को परिजन शनिवार को वहां से घर जाने की बात कह कर ले गए। फेथफुलगंज निवासी इस बच्चे की हालत नाजुक है। वेंटिलेटर में रखकर उसका इलाज किया जा रहा था। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि संक्रमित मरीज को अस्पताल से ले जाने की सूचना स्वास्थ्य विभाग को दे दी है। अस्पताल में भर्ती शास्त्री नगर निवासी स्वाइन फ्लू पीड़ित बच्चे का इलाज चल रहा है।

डेंगू जैसे लक्षणों वाले भी 30 मरीजों की जांच, पांच भर्ती
हैलट ओपीडी में डेंगू जैसे लक्षणों वाले 18 और उर्सला ओपीडी में ऐसे लक्षणों वाले 12 मरीज इलाज कराने पहुंचे। इन सभी की जांच कराई जा रही है। उर्सला के डेंगू वार्ड में भी ऐसे पांच मरीज भर्ती किए गए। इनमें से एक गुप्तार घाट, दूसरा गम्मू खां का हाता, तीसरा हीरामन का पुरवा, चौथा सुजातगंज और पांचवां शुक्लागंज में रहता है।

डेंगू वार्ड में बढ़ाए बेड
उर्सला में 10 दिन पहले शुरू किए गए डेंगू वार्ड में शनिवार को 11 मरीज भर्ती थे। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि स्वाइनफ्लू और डेंगू और ऐसे लक्षणों वाले मरीजों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर शनिवार को इस वार्ड में 10 बेड बढ़ा दिए हैं। अब बेड संख्या बढ़कर 22 हो गई है।
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