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यूपी: भाजपा रणनीति बनाती रह गई, सपा झटका दे गई, मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य समेत चार विधायकों ने थामा सपा का दामन

Tue, 11 Jan 2022 11:45 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

सपा के कई प्रभावशाली नेता भाजपा के बड़े नेताओं के संपर्क में हैं। इनमें विधायकों के साथ कई पूर्व विधायक भी हैं। पार्टी स्तर से क्षेत्र में इनकी लोकप्रियता और स्वीकार्यता को लेकर कराए गए सर्वे की रिपोर्ट में भी इनका प्रदर्शन बेहतर माना गया है।
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समाजवादी पार्टी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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विधानसभा चुनावों की घोषणा होते ही सपा ने कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य समेत चार विधायकों को अपने पाले में खड़ा कर भाजपा को बड़ा झटका दिया है। हालांकि, इस तरह की रणनीति पर भाजपा पहले से काम कर रही थी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, बाकायदा सर्वे कराकर सपा के कई विधायक और पूर्व विधायकों का रिपोर्ट कार्ड तैयार करा लिया गया था।
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उन्हें भाजपा के पाले में लाने की पटकथा लगभग तैयार थी, लेकिन इस खेल में सपा आगे निकल गई। अब डैमेज कंट्रोल में जुटी भाजपा, सपा को उसी के अंदाज में जवाब देने की तैयारी में है। इसका असर कानपुर और आसपास की विधानसभा सीटों पर भी दिख सकता है।

भाजपा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, संगठन स्तर से प्रदेशभर में विधायकों के कामकाज और लोकप्रियता को लेकर करीब तीन माह पहले एक सर्वे कराया गया था। इसमें जिस सीट पर भाजपा विधायकों की रिपोर्ट खराब मिली, वहां देखा गया कि प्रतिद्वंद्वी दल से कौन नेता प्रभावशाली और जिताऊ है।
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इसी तरह उन सीटों पर भी सर्वे कराया गया था, जहां भाजपा के विधायक नहीं हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर जिस सीट पर भाजपा का विधायक या दावेदार कमजोर और खराब प्रदर्शन वाला मिला, वहां प्रतिद्वंद्वी दल के प्रभावशाली नेताओं को पार्टी में शामिल करने की रणनीति तैयार की गई थी।  भाजपा अपनी रणनीति पर आगे बढ़ती, इससे पहले ही सपा ने उसे झटका दे दिया।

 
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अब और तेज होगा दलबदल का सिलसिला
सूत्रों का दावा है कि सपा के कई प्रभावशाली नेता भाजपा के बड़े नेताओं के संपर्क में हैं। इनमें विधायकों के साथ कई पूर्व विधायक भी हैं। पार्टी स्तर से क्षेत्र में इनकी लोकप्रियता और स्वीकार्यता को लेकर कराए गए सर्वे की रिपोर्ट में भी इनका प्रदर्शन बेहतर माना गया है। अब इन्हें टिकट वितरण से पहले-पहले पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराने की तैयारी है।

इनमें से कई चेहरे विधानसभा चुनाव में भी ताल ठोकते नजर आएंगे। इस तरह कानपुर और आसपास के जिलों में भी कई सीटों पर पिछले चुनाव में सपा से मैदान में उतरे नेता इस बार भगवा उठाए नजर आएंगे। उधर, सपाइयों का दावा है कि अभी तो यह शुरुआत है। जल्द ही भाजपा के कई बड़े चेहरे लाल टोपी में नजर आएंगे।
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