कानपुर में बुखार और डेंगू के कहर से लोगों में दहशत है। शुक्रवार को बुखार से चार और रोगियों की मौत हो गई। तेज बुखार के बाद हालत बिगड़ी और मौत हो गई। कुरसौली गांव में भी मौतों का सिलसिला जारी है। इस गांव में बुखार से शुक्रवार को सातवीं मौत हुई है। बुखार आने के बाद रोगियों के अंदरुनी अंग फेल हो रहे हैं, इसके बाद मौत हो जाती है।
रोग की अभी तक पहचान न होने से घबराहट है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि इन रोगियों की डेंगू, कोरोना, मलेरिया की जांच रिपोर्ट निगेटिव रही है। शक स्क्रब टाइफस पर किया जा रहा है, लेकिन अभी तक किसी की जांच नहीं हुई है। जिले में बुखार से अब तक 39 मौतें हो चुकी हैं।
कुरसौली गांव के भुल्लू तिवारी की पत्नी क्षमा तिवारी (30) की सर्वोदयनगर स्थित निजी अस्पताल में मौत हो गई। रोगी को बुखार चढ़ने के बाद निजी अस्पताल में लाया गया था। बताया जा रहा है कि उनके मल्टीऑर्गन फेल्योर हो गए थे। एसीएमओ नर्सिंग होम डॉ. सुबोध प्रकाश का कहना है कि उसे डेंगू नहीं था। अभिलेख मांगे गए हैं, इनकी जांच होगी। इसके अलावा परिजनों के बताने पर उन्होंने अस्पताल बिल कम करने के लिए फोन किया था।
कुरसौली गांव में बुखार से सात मौतें बताई जा रही हैं, जिनमें छह महिलाएं हैं। इसके पहले तन्नू, लक्ष्मी प्रजापति, शिवराम प्रजापति, जूली गौतम, सोनाली गौतम, लक्ष्मी गौतम की मौत हुई है। वहीं, शुक्रवार को मकसूदाबाद की सावित्री देवी (80) की बुखार से मौत हो गई।
दो-तीन दिन बुखार के बाद उनकी हालत बिगड़ गई। इसके अलावा नवाबगंज के राधेश्याम (61) और नानकारी के अखिलेश (48) की बुखार से मौत हुई है। अचानक तबियत गंभीर होने पर परिजन पहले कल्याणपुर के निजी अस्पताल ले गए, वहां से हैलट रेफर किया गया। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।