कानपुर। अखिलेश दुबे और उसके साथियों के खिलाफ शिकायतों की जांच कर रही एसआईटी ने केडीए सचिव को पत्र भेजकर चार अधिकारियों और कर्मचारियों को बयान के लिए बुलाया है। यह कार्यवाही अधिवक्ता सौरभ भदौरिया की शिकायत पर हुई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि एसआईटी और अन्य अधिकारियों को अलिखेश दुबे और उससे जुड़े लोगों की शिकायत करने पर केडीए के कुछ अफसर उनका ब्रह्मनगर स्थित पैतृक मकान गिराना चाहते हैं। उन्होंने केडीए और एसआईटी के अफसरों से शिकायत की थी।
अधिवक्ता सौरभ भदौरिया ने पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार से की शिकायत में कहा कि सरकारी और वक्फ की जमीनों में कब्जा करने का खेल चल रहा था। उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से की, जिसकी जांच प्रचलित है। अखिलेश दुबे और उसके सफेदपोश साथी भी शामिल हैं। अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि आरोपियों के साथ कुछ केडीए कर्मी भी मिले हुए हैं। उन्होंने जब से शिकायतों की हैं, तब से उन पर दबाव बनाया जा रहा है। एक दिन केडीए के कुछ अधिकारी उनके ब्रह्मनगर स्थित पैतृक मकान की वीडियोग्राफी कराने लगे। उनके भाई ने पूछा तो उनमें से एक अधिकारी ने अखिलेश दुबे के खिलाफ दी गई शिकायत वापस लेने की धमकी दी। कहा कि अगर ऐसा नहीं किया तो मकान जमीनदोज करा दिया जाएगा। अधिवक्ता की शिकायत पर अधिकारियों ने जांच एसआईटी को दे दी गई। एसआईटी ने केडीए सचिव को पत्र भेजकर चार अधिकारियों व कर्मचारियों को बयान के लिए बुलाया है। इसमें जोन एक व चार के पूर्व अभियंता और जोन एक के प्रभारी भी शामिल हैं।