चित्रकूट के जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं कई शिकायतों के बाद भी सुधरने का नाम नहीं ले रहीं हैं। कभी डाक्टरों की कमी से मरीजों का इलाज समय से नहीं हो पाता तो कभी मौजूद स्टाफ पर सुविधाशुल्क की मांग का आरोप लगता है।
और तो और अब प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना एंबुलेंस 102 का स्टाफ भी मनमानी पर उतारू है। रविवार को तीन प्रसूताओं को प्रसव के बाद चार घंटे तक एंबुलेंस नहीं मिली। इससे तीनों नवजात को गोद में लिए वार्ड के बाहर बैठी इंतजार करती रहीं।
देवकली की सरला देवी के पति अजय सिंह ने बताया कि शुक्रवार की रात को उनकी पत्नी ने पहले बच्चे को जना। रेहुटियां की बच्चादेवी के पति पप्पू ने बताया कि शुक्रवार को उसकी भी पत्नी ने बच्चे को जना। इसी प्रकार खोह की ननकी देवी पत्नी देवीदयाल ने भी अस्पताल में बालिका को जना।
तीनों महिलाओं के परिजनों ने बताया कि रविवार को अस्पताल से छुट्टी होने के बाद एंबुलेंस को फोन कर घर तक छोड़ने को कहा। लगभग चार घंटे तक अस्पताल के वार्ड के बाहर सभी जच्चा-बच्चा बैठे रहे लेकिन एंबुलेंस नहीं आई।
चार घंटे बाद एक एंबुलेंस आई तब जाकर तीनों को घर पहुंचाया गया। इस मामले में सीएमएस डा. एनके गुप्ता ने बताया कि लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होगी। एंबुलेंस संचालक कार्यालय लखनऊ शिकायत भेजी गई है।