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कानपुर में 47 हजार बच्चों के शरीर में है ये बड़ी कमी, यूनिसेफ की हेल्थ रिपोर्ट में सामने आए तथ्य

Fri, 07 Sep 2018 01:11 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

- यूनिसेफ की न्यूट्रीशन स्पेशलिस्ट ने पांच वर्ष तक के बच्चों का पेश किया आंकड़ा
- विश्वविद्यालय में हुई न्यूट्रीशन एंड हेल्थ विषय पर कार्यशाला
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अापको जानकर हैरानी होगी कि यूपी के कानपुर शहर में लगभग 47116 बच्चों के शरीर न्यूट्रीशन की कमी है। यही नहीं इन बच्चों वजन उनकी उम्र की अपेक्षा कम है। यह तथ्य यूनिसेफ उत्तर प्रदेश की न्यूट्रीशन स्पेशलिस्ट डॉ. रिचा सिंह की सर्वे रिपोर्ट में सामने आए हैं। 
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छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के समाज कार्य विभाग में केजीएमयू और यूनिसेफ उत्तर प्रदेश की ओर से न्यूट्रीशन एंड हेल्थ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता यूनिसेफ उत्तर प्रदेश की न्यूट्रीशन स्पेशलिस्ट डॉ. रिचा सिंह रहीं। उन्होंने बताया कि कानपुर शहर में पांच साल की आयु तक के 47116 बच्चों का वजन उनकी उम्र की अपेक्षा कम है।
 
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अक्तूबर 2017 तक इनकी संख्या 61277 थी। डॉ. रिचा ने कानपुर नगर के कुपोषित गांवों का भी आंकड़ा पेश किया। बताया कि नगर के 39 गांव अभी भी कुपोषित हैं। डॉ. रिचा ने कहा कि इसे दूर करने के लिए गर्भवती महिलाओं को अपने खान-पान का ध्यान रखना पड़ेगा। बताया कि जन्म के बाद कम से कम एक हजार दिन तक बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखना चाहिए।

डॉ. रिचा ने बताया कि सर्वे के अनुसार यूपी में 20 प्रतिशत बच्चे कम वजन के साथ जन्म लेते हैं और 0-5 वर्ष के 38 प्रतिशत बच्चों का वजन उनकी उम्र की अपेक्षा कम होता है। कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने बेटियों को खानपान का विशेष ख्याल रखने के लिए कहा।
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