पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल
- फोटो : amar ujala
आचार संहिता उल्लंघन के मामले में आरोपी पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने शुक्रवार को सांसदों-विधायकों की सुनवाई के लिए गठित विशेष न्यायालय में समर्पण कर जमानत की मांग की। विशेष न्यायाधीश सत्येंद्र नाथ त्रिपाठी ने उन्हें 20-20 हजार की दो जमानतों और निजी मुचलके पर रिहा कर दिया।
पूर्व मंत्री लगभग तीन घंटे न्यायिक हिरासत में रहे। एडीजीसी सरला गुप्ता ने तर्क रखा कि लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी श्रीप्रकाश जायसवाल पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में 19 अप्रैल 2019 को कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। बिजली के खंभों पर कांग्रेस के झंडे लगे थे जिसपर श्रीप्रकाश का नाम था।
श्रीप्रकाश के अधिवक्ता नरेश चंद्र त्रिपाठी ने अपराध को जमानती बताते हुए राजनीतिक दबाव के चलते झूठी रिपोर्ट दर्ज किए जाने और रंजिशन फंसाए जाने की बात कही थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने श्रीप्रकाश की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।