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कानपुर: पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आचार संहिता उल्लंघन मामले में कोर्ट में किया सरेंडर, जमानत मिली

Fri, 29 Oct 2021 06:29 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

श्रीप्रकाश जायसवाल कानपुर लोकसभा 2019 मेंं कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे। चुनाव आयोग से मिली अनुमति के विपरीत उनके समर्थकों ने शहर भर में अनुमति से ज्यादा बैनर, पोस्टर और होर्डिंग लगायी थी।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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आचार संहिता उल्लंघन के मामले में आरोपी पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने शुक्रवार को सांसदों-विधायकों की सुनवाई के लिए गठित विशेष न्यायालय में समर्पण कर जमानत की मांग की। विशेष न्यायाधीश सत्येंद्र नाथ त्रिपाठी ने उन्हें 20-20 हजार की दो जमानतों और निजी मुचलके पर रिहा कर दिया।
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पूर्व मंत्री लगभग तीन घंटे न्यायिक हिरासत में रहे। एडीजीसी सरला गुप्ता ने तर्क रखा कि लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी श्रीप्रकाश जायसवाल पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में 19 अप्रैल 2019 को कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। बिजली के खंभों पर कांग्रेस के झंडे लगे थे जिसपर श्रीप्रकाश का नाम था।

श्रीप्रकाश के अधिवक्ता नरेश चंद्र त्रिपाठी ने अपराध को जमानती बताते हुए राजनीतिक दबाव के चलते झूठी रिपोर्ट दर्ज किए जाने और रंजिशन फंसाए जाने की बात कही थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने श्रीप्रकाश की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।
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आचार संहिता उल्लंघन के मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश एमपी एमएलए कोर्ट में सरेंडर किया था। उनके खिलाफ कोर्ट से वारंट जारी हुआ था। 

2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान श्रीप्रकाश जायसवाल कानपुर लोकसभा से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे। चुनाव आयोग से मिली अनुमति के विपरीत उनके समर्थकों ने शहर भर में अनुमति से ज्यादा बैनर, पोस्टर और होर्डिंग लगायी थी।

शहर के कई स्थानों पर एक ही जगह पर एक से अधिक बैनर लगाए गए थे। जिसके शिकायत चुनाव आयोग से की गई। चुनाव आयोग के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने श्रीप्रकाश के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन की धारा 177एच और आईपीसी की धारा 188 के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

पुलिस ने भी इस मामले में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी जिस पर विशेष न्यायाधीश एमपी एमएलए कोर्ट से उनके खिलाफ वारंट जारी किया गया था। 
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