चकेरी फ्रेंड्स कालोनी निवासी पूर्व इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी पर आठ अगस्त को किरायेदार की बेटी से दुष्कर्म करने का आरोप लगा था। पुलिस ने नौ अगस्त को पॉक्सो व दुष्कर्म की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराया था।
कानपुर में दुष्कर्म के केस में फंसे पूर्व इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी और उसके करीबी मामले को रफादफा कराने के प्रयास में जुट गए हैं। एक बिचौलिये ने पुलिस के एक अफसर को इसके लिए बड़ी रकम की पेशकश भी की। अफसर ने उसे को फटकारा और जेल भेजने की धमकी दी। इसके बाद वह भाग निकला।
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चकेरी निवासी दिनेश त्रिपाठी पर किरायेदार ने आठ अगस्त की रात आठ साल की बेटी से दुष्कर्म करने का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में दिनेश जेल में बंद है। नाम न छापने की शर्त पर पुलिस अफसर ने बताया कि एक बिचौलिये ने इस केस को रफादफा करने के लिए मोटी रकम देने की बात कही। उन्होंने इस बारे में उच्च अधिकारियों को सूचना दी है।
कहीं कोई दबाव तो नहीं
कुछ दिन पहले कोर्ट में पीड़िता अपने बयानों पर कायम रही थी। कुछ दिन बाद उसके परिजनों ने दोबारा बयान कराने के लिए याचिका डाली थी। इसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। फिर परिजन हाईकोर्ट पहुंचे। ऐसे में आशंका है कि कहीं पीड़ित परिवार पर कोई दबाव तो नहीं बनाया जा रहा है।
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चार्जशीट तैयार, रिकॉर्डिंग की जांच का इंतजार
पुलिस की जांच लगभग पूरी हो है। आरोपी के खिलाफ चार्जशीट तैयार हो गई है। केवल रिकॉर्डिंग की फोरेंसिक जांच बाकी है। आरोपी का वॉयस सैंपल लेने के लिए पुलिस कोर्ट में अनुमति के लिए अर्जी दे चुकी है। मंजूरी मिलते ही पुलिस सैंपल लेकर लैब भेजेगी। वारदात के बाद दिनेश की एक कॉल रिकॉर्डिंग मिली थी, जिसमें वह गुनाह कबूल करते सुनाई दे रहा है। पीड़िता की मां से माफी भी मांग रहा है।