नगर पंचायत लखना में आउटसोर्सिंग कर्मचारी के रूप में कार्यरत रहे एक व्यक्ति ने रविवार सुबह नहर में कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक के पिता ने नगर पंचायत अध्यक्ष पर बेटे को अकारण नौकरी से निकालने और मानसिक रूप से परेशान करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
भोगनीपुर नहर में लगाई छलांग, नहीं बच सकी जान
लखना कस्बे के दीक्षितान मोहल्ला निवासी दीपक दुबे (48) रविवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे कस्बे से होकर गुजर रही भोगनीपुर निचली गंग नहर के पास पहुंचे। सैय्यद बाबा मजार के पास उन्होंने अचानक नहर में छलांग लगा दी। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने जैसे ही उन्हें डूबते देखा, तुरंत बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी।
एक साल पहले नौकरी छूटने से चल रहे थे तनाव में
मृतक के पिता बालकराम दुबे ने रोते-बिलखते हुए बताया कि उनका बेटा दीपक नगर पंचायत लखना में आउटसोर्सिंग कर्मचारी के रूप में कार्यरत था। आरोप है कि करीब एक वर्ष पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष ने उसे नौकरी से हटा दिया था। रोजगार छिन जाने के कारण दीपक लंबे समय से गहरे मानसिक तनाव और आर्थिक तंगी से गुजर रहा था।
अधिकारी बेखबर, पुलिस जांच में जुटी
मामले में नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी श्याम बचन सरोज ने अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। वहीं, सूचना पर पहुंची बकेवर थाना पुलिस ने शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों के आरोपों और घटना के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है, जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।