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फर्जी हस्ताक्षर कर 42 लोगों को दिया गोल्ड लोन, पुलिस ने कहा बैंक ऑफिसर ने किया हेरफेर

Mon, 04 Mar 2019 04:38 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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एचडीएफसी बैंक में हुए गोल्ड लोन घोटाले में मिले 42 नए मामलों के सभी दस्तावेजों का पुलिस सत्यापन करवाएगी। पुलिस ने एचडीएफएसी की सिविल लाइंस व गोविंद नगर शाखा से जानकारी मांगी है। मंगलवार से सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होगी।
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पुलिस को आशंका है कि जिस तरह पहले दो मामलों में वैल्युअरों केहस्ताक्षर फर्जी थे, उसी तरह इनमें भी फर्जीवाड़ा करके लोन दिया है, जांच के बाद सब स्पष्ट होगा। एचडीएफसी गोविंद नगर और सिविल लाइंस शाखा में नकली सोना रखकर 41 लाख का गोल्ड लोन दिया था।

जांच में पता चला कि सिविल लाइंस शाखा में 27 और गोविंद नगर शाखा में 15 लोगों को दिए गए गोल्ड लोन में गड़बड़ियां हैं। पुलिस ने इन सभी को विवेचना में शामिल किया है। पुलिस के मुताबिक जो शुरुआत में दो मामले दर्ज हुए थे, उसकी जांच में पता चला था कि गोल्ड लोन ऑफिसर ने वैल्युअर के फर्जी दस्तखत कर लोन पास किया था।
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गोल्ड लोन में ऑफिसर ने ही किया है हेरफेर

वैल्युअरों से पूछताछ में भी इस बात की पुष्टि हुई थी। पुलिस का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर गोल्ड लोन में ऑफिसर ने ही हेरफेर किया है। अभी तक उसी के खिलाफ साक्ष्य मिले हैं। विवेचक शिव शंकर ने बताया कि मंगलवार को बैंक खुलेगी तब दस्तावेज लेकर जांच शुरू की जाएगी।

नहीं हो सकी है ठोस कार्रवाई
सिविल लाइंस शाखा में हुए घोटाले में गोल्ड लोन अधिकारी रोहिल सक्सेना, उसके पिता सुरेंद्र सक्सेना व पत्नी सहित आठ लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई थी। गोविंद नगर पुलिस ने पारस पंत, उसकी पत्नी, वैल्युअर हाजी गुलाम शब्बीर, अरमान अहमद, मोहम्मद नफीस, रवींद्र, अमन आदि पर मुकदमा दर्ज किया था।

करीब दो महीने बाद भी पुलिस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सकी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य एकत्र कर रहे हैं, तभी कार्रवाई की जाएगी।
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