कानपुर स्थित पीएसआईटी में लगातार 36 घंटे से चल रही स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन-2019 का रविवार को समापन हो गया। स्मार्ट इंडिया, विदेश मंत्रालय और आयुष मंत्रालय से जुड़ी कई समस्याओं का निस्तारण करने के लिए छात्रों ने एक से बढ़कर एक सॉफ्टवेयर और मोबाइल एप तैयार कर डाले।
विदेश मंत्रालय की वेबसाइट को हैकिंग से बचाने के लिए ठाकुर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, मुंबई के छात्रों ने ऐसा स्कैनर तैयार किया है जो न केवल विदेश मंत्रालय की वेबसाइट बल्कि किसी भी वेबसाइट की सारी कमियों को मिनटों में पता कर देगा।
मंत्रालय की वेबसाइट में कई कमियां खोज निकाली
उसे ठीक करने में भी यह स्कैनर और सॉफ्टवेयर काफी मददगार होगा। टीम का नेतृत्व कर रहे अमित तिवारी ने बताया कि टीम ने मंत्रालय की वेबसाइट में कई कमियां खोज भी निकाली हैं। उन्हें सही करने का रास्ता भी बताया।
विदेश मंत्रालय की समस्याओं को दूर करने की श्रेणी में दूसरे नंबर पर नेताजी सुभाष चंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली, तीसरा यूनिवर्सिटी ऑफ इंस्टीट्यूट इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, चंडीगढ़ और चौथे नंबर पर स्वामी विवेकानंद कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग इंदौर रहा।
आयुष मंत्रालय की समस्याओं का समाधान करने में पहला इनाम महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली को मिला। इस श्रेणी में दूसरे नंबर पर गुरु जम्बेश्वर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, हिसार हरियाणा, तीसरे नंबर पर मानाकुला विनयगर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, पुडुचेरी तमिलनाडु और चौथे नंबर पर महाराजा अग्रसेन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली रहा।