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आपकी थाली में होगी ताइवान की लाल पत्ता गोभी, इटली की धनिया, थाइलैंड का तरबूज, ऐसा मिलेगा जायका

Fri, 10 Jan 2020 03:45 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा आशुतोष दीक्षित, अमर उजाला, कन्नौज
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कन्नौज में इटली की धनिया तैयार करते प्रभारी अधिकारी डीएस यादव - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के किसानों के पास आय बढ़ाने का एक नया रास्ता खुलने जा रहा है। उमर्दा में बने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजीटेबल में इस्राइल की तकनीक से विदेशों की ऐसी सब्जी और फल की पौध तैयार की जा रही है, जिन्हें इससे पहले यहां के किसानों ने नहीं उगाया।
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सेंटर के प्रभारी अधिकारी का दावा है कि यूपी में पहली बार इन विदेशी सब्जी और फलों की पौध तैयार की जा रही है। इन सब्जियों की मदद से किसान अच्छी आमदनी कर सकेंगे। एक्सीलेंस सेंटर में ताइवान की रेड पत्ता गोभी और खरबूजा, थाइलैंड का तरबूज, इटली की धनिया और लीक, चीन की पत्ता गोभी की पौध तैयार की जा रही है। करीब 30 हजार पौधे तैयार हो रहे हैं।

 

कन्नौज में तैयार होते ताइवान के खरबूजे - फोटो : अमर उजाला
सेंटर के प्रभारी अधिकारी डीएस यादव ने बताया कि यूपी में पहली बार इन फल और सब्जियों की पौध तैयार की जा रही है। उन्नतशील किसानों में इनकी मांग बढ़ी है। इलाहाबाद के फतेहपुर गांव के उन्नतशील किसान डा. आरके सिंह ने ताइवान के खरबूजे (बॉबी वैरायटी) की पौध की मांग की।

जबकि उन्नाव के उन्नतशील किसान प्रखर दीक्षित ने ताइवान की लाल पत्ता गोभी, चीन की पत्ता गोभी, इटली की धनिया के पौधों की मांग की। अभी 30 हजार पौधे उगाए गए हैं। जिन्हें इलाहाबाद, उन्नाव, औरैया, हरदोई, कानपुर देहात, झांसी, अलीगढ़, फतेहपुर, बांदा, रायबरेली, इटावा आदि जनपदों तक पहुंचाने की तैयारी है। पौधे करीब 20 जनवरी तक तैयार हो जाएंगे।


 

प्रभारी अधिकारी डीएस यादव ने बताया कि इटली की धनिया और लीव, ताइवान की रेड पत्ता गोभी, खरबूजा, थाइलैंड के तरबूज की फाइल और थ्री स्टार जैसे बड़े होटलों में ज्यादा मांग होती है। थाइलैंड का तरबूज ऊपर पीला और अंदर लाल रंग का होता है। इसी तरह इटली की लीक लहसुन के पौधे की तरह होती है, जिनका सूप में ज्यादा इस्तेमाल होता है। सब्जी को अलग रंग और खूबसूरत बनाने के लिए लाल पत्ता गोभी की बड़ी मांग है। सलाद में इनका ज्यादा इस्तेमाल होता है।

ताइवान की लाल पत्ता गोभी और खरबूजा, थाइलैंड का तरबूज, इटली की धनिया और लीक, चीन की पत्ता गोभी की कीमत यहां की पत्ता गोभी, खरबूजा और तरबूज से 10 गुना तक ज्यादा होती है। किसानों को पौध देेने के साथ ही इन्हें उगाने की तरीके भी बताए जा रहे हैं जो बेहद आसान हैं। मात्र दो रुपये में एक पौधा किसान को दिया जा रहा है।

 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
यदि किसान अपना बीज लाकर देता है तो उससे प्रति पौधा एक रुपये ही लिए जाएंगे। यानि कम लागत में ज्यादा लाभ कमाकर किसान आय को भी कई गुना तक बढ़ा सकेंगे। कन्नौज के उमर्दा में बना सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजीटेबल देश का आठवां ऐसा केंद्र है, जहां सब्जियों की उन्नत पौध इस्राइल की तकनीक से तैयार की जाती है। देश का पहला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फार वेजीटेबल हरियाणा के घरोड़ा (करनाल के पास) 1912 में तैयार हुआ था।

इसके बाद गुजरात, तमिलनाडु, पंजाब, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, बिहार और अब यूपी के कन्नौज में इसकी स्थापना की गई। उमर्दा में यह सेंटर 26 अक्तूबर 2018 को शुरू हुआ था। तब से लेकर अभी तक यानि इन 14 महीनों में यहां इस्राइल की तकनीक से विभिन्न सब्जियों के तीन लाख पौधे तैयार किए जा चुके हैं। इन्हें यूपी के अलावा मध्यप्रदेश और हरियाणा तक के 2500 हजार से ज्यादा किसानों को उपलब्ध कराए गए।

ऐसे कर सकते हैं संपर्क
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजीटेबल के प्रभारी अधिकारी डीएस यादव के मोबाइल नंबर 9415509114 या केंद्र की मेल आईडी coekannauj@gmail.com पर संपर्क कर नई फसलों, उन्हें करने की विधि के अलावा खेती किसानी से जुड़ी अन्य जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं।
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