कन्नौज के छिबरामऊ में बुधवार की सुबह शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) शुरू होने से कुछ पहले सौरिख पुलिस ने परीक्षा में सेंधमारी के आरोप में दो लोगों को दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक परीक्षा में ये दोनों सॉल्वर की भूमिका में शामिल होने वाले थे।
कन्नौज जिले के अलावा कानपुर, वाराणसी, इटावा के केंद्रों पर भी इनके साथी सॉल्वर की भूमिका में शामिल होने थे। कन्नौज व अन्य तीन जिलों के लिए 11 परीक्षार्थियों के स्थान पर सॉल्वर बैठाने की योजना थी। पुलिस को बाकी नौ की तलाश है।
अपर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि गिरफ्त में आया सुनील सक्सेना उर्फ सोनू गुरु गिरोह का मास्टरमाइंड है। छिबरामऊ व सौरिख में सोनू गुरु नाम से सुनील की कोचिंग संचालित होती है। साथ पकड़ा गया राहुल यादव भी सुनील की कोचिंग का शिक्षक है। इनके पास से 11 छात्रों के प्रवेशपत्र और आधार कार्ड मिले हैं।
जिन नामों के कार्ड मिले हैं, उस नाम के परीक्षार्थी केंद्रों पर गैरहाजिर पाए गए। सुनील के पास से 8200 व राहुल यादव के पास 12471 रुपये मिले। सुनील के मोबाइल की व्हाट्सएप चैटिंग में सॉल्वर के खेल और रुपये लेनदेन का संवाद मिला है।
इनके पास से पांच स्मार्ट फोन, ब्लूटूथ, कई एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक ये लोग प्रति परीक्षार्थी 40 हजार से 90 हजार रुपये तक वसूलते थे। इस परीक्षा के लिए तीन लाख रुपये के आसपास वसूल चुके थे।
वहीं, सुनील के पिता विजय सक्सेना का कहना है कि षड्यंत्र के तहत उनके बेटे को फंसाया गया। सुनील का कोचिंग सेंटर ऊंचाइयों को छू रहा, इससे कुछ लोगों के मन में ईर्ष्या का भाव है। हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। जल्द दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।