कानपुर देहात। औद्योगिक क्षेत्र जैनपुर स्थित एक फुटवियर कंपनी के मजदूरों ने शनिवार सुबह वेतन वृद्धि व अन्य मांगों को लेकर कंपनी के गेट पर प्रदर्शन किया। जानकारी पर पहुंचे अधिकारियों व पुलिस कर्मियों के समझाने व फैक्टरी प्रबंधन की ओर से मांगों को मानने के बाद मजदूर शांत हुए। मांगों की जानकारी फैक्टरी गेट पर चस्पा किए जाने के बाद सोमवार से काम पर आने की बात कह कर मजदूर घर चले गए।
जैनपुर स्थित अरविंद फुटवियर कंपनी में कार्यरत सैकड़ों कर्मचारी सोमवार सुबह 10 बजे ड्यूटी पर जाने की बजाए कंपनी के गेट पर ही धरने पर बैठ गए। मजदूर 738 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय, ओवर टाइम करने पर दोगुना भुगतान, वेतन पर्ची दिए जाने सहित अन्य मांगे पूरा किए जाने की मांग करने लगे। कुछ मजदूर अंदर चले गए थे उन्हें भी बाहर बुला लिया। दोपहर तक मजदूर हंगामा करते रहे।
इधर प्रदर्शन की जानकारी पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट नीलिमा यादव, श्रम उपायुक्त रामअशीष, सीओ सदर संजय सिंह, थानाध्यक्ष हरमीत सिंह मौके पर पहुंचे और मजदूरों का समझाने के प्रयास शुरू किए। मजदूरों की मांगों को लेकर कंंपनी के मालिक राजेंद्र जलाल, प्रबंधक अरविंद सक्सेना की ओर से शासन की ओर से एक अप्रैल को लागू की गईं न्यूनतम मानदेय की दर पर वेतन दिए जाने व अन्य मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया लेकिन मजदूर इस पर भी राजी नहीं हुए और मांगों को मानने का पत्र कंपनी के गेट व नोटिस बोर्ड पर चस्पा किए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त करने की बात कहने लगे।
शाम चार बजे के करीब प्रबंधन की ओर से वेतन संबंधी जानकारी चस्पा किए जाने के बाद मजदूर शांत हुए और सोमवार से ड्यूटी पर आने की बात कहकर अपने घर चले गए। फैक्टरी के प्रबंधक ने बताया कि मजदूरों को निर्धारित वेतन नियमानुसार दिया जाता है। मजदूरों को भ्रम था। उन्हें समझाने के बाद उन्हें पूरी जानकारी दी गई है। इस पर सभी अगले दिन से काम पर आने की बात कह चले गए।
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बयान
मजदूरों को न्यूनतम मानदेय 738 रुपये होने को लेकर भ्रम था। शासन की ओर से एक अप्रैल को लागू की गई न्यूनतम मानदेय की दरें एनसीआर, नगर निगम व नगर पंचायत वाले क्षेत्र में अलग-अलग हैं। कंपनी प्रबंधन की ओर से न्यूनतम मानदेय दर के हिसाब से अकुशल मजदूरों को 26 दिन का 12, 356 रुपये, अर्धकुशल मजदूरों का 13, 590 रुपये व कुशल मजदूरों को 15, 224 रुपये दिया जा रहा है। मजदूरों की अन्य मांगें ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, वैतनिक अवकाश आदि मांगों को प्रबंधन की ओर से मान लिया गया है। इस पर मजदूरों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया है। - रामअशीष, सहायक श्रम आयुक्त