होम डिलीवरी के माध्यम से राशन वितरण
जलभराव वाले गांवों में अतिरिक्त सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगाकर साफ-सफाई कराई जाए। साथ ही लगातार दवा का छिड़काव किया जाए। जलभराव वाले गांवों में मेडिकल हेल्थ टीम कैंप लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण करें। जल भराव वाले गांवों में होम डिलीवरी के माध्यम से राशन वितरण कराया जाए।
जरा संभलकर: यहां मौज मस्ती न पड़ जाए भारी
बारिश, छुट्टियों और इन दिनों गर्मी से राहत पाने के लिए लोग अक्सर गंगा बैराज व शहर के अन्य घाटों पर रुख कर रहे हैं। यहां वे जान खतरे में डालकर मौज मस्ती करने से नहीं चूक रहे हैं। उनकी यही गलती अब भारी पड़ सकती है। दरअसल इन दिनों गंगा का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है।
खतरे के निशान से महज आठ सेंटीमीटर ही नीचे
पानी खतरे के निशान से महज आठ सेंटीमीटर ही नीचे हैं। ऐसे में आप लोगों भी मौज मस्ती कहीं भारी न पड़ जाए। सिंचाई विभाग द्वारा जारी रिकार्ड के अनुसार गंगा बैराज से बिठूर की ओर 114.470 मीटर पानी बढ़ा हुआ है। वहीं गंगा बैराज से महाराजपुर की ओर 144.270 है।
इन स्थानों पर मौज मस्ती करने से बचें
इधर शुक्रवार को सिंचाई विभाग की ओर से गंगा बैराज से 389415 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जो खतरे से महज आठ सेंटीमीटर ही दूर है। जिसके चलते शहर के सभी घाट आधे से अधिक डूब चुके हैं। व्रह्माव्रत घाट, गंगा बैराज, अटल घाट, भैरवघाट, परमट मंदिर, सरसैया घाट, मस्कर घाट, कोयला घाट, डबकेश्वर घाट, जाजमऊ टीला, सिद्धनाथ घाट, ड्योढ़ी घाट।