ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल की 13 दिन बाद तकनीकी खराबी तो ठीक हो गई लेकिन पोर्टल से पांच हजार से अधिक आय, जाति व अन्य तरह के प्रमाणपत्र गायब हो गए। इससे परेशान जनसेवा केंद्र संचालक तहसील के चक्कर काट रहे हैं। जिले में करीब 1200 जनसेवा केंद्र हैं। इनके माध्यम से ही आय, जाति, मूल निवास, वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, विकलांग प्रमाणपत्र, वारिस नामा, हैसियत प्रमाणपत्र, शादी अनुदान, परिवार रजिस्टर की नकल खसरा खतौनी आदि प्रमाणपत्र तैयार होते हैं।
लेकिन, ई-डिस्ट्रिक्ट की वेबसाइट पांच जनवरी को बंद की गई थी। इस बीच करीब पांच हजार आवेदन एसडीएम, तहसीलदार, लेखपाल की रिपोर्ट लगने के लिए उनकी लॉगिन में पड़े थे।वेबसाइट बंद होने के कारण नए प्रमाणपत्रों का आवेदन रुक गया था और पुराने सत्यापन नहीं हो सके थे। इसका असर जिला मुख्यालय से लेकर तहसीलों तक देखने को मिल रहा था।
अधिकारी भी साइट बंद होने की बात कहकर अपने हाथ खड़े कर रहे थे। जनसेवा केंद्र संचालक दीपू सिंह ने बताया कि पोर्टल मंगलवार को चालू हो गया है। लेकिन जनसेवा केंद्र संचालकों के पोर्टल से प्रमाणपत्रों के लिए किए गए आवेदन और तैयार प्रमाणपत्र गायब हो गए। आवेदनकर्ता हम लोगों से शिकायत कर रहे हैं।
वेबसाइट मेंटेनेंस के चलते बंद कर दी गई थी। उसी के कारण प्रमाण पत्र अभी दिख नहीं रहे हैं। उसपर काम किया जा रहा है। गायब डाटा जल्द वेबसाइट पर दिखेगा। - संदीप कुमार, ई-डिस्ट्रिक्स मैनेजर