फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उन्नाव: मेडिकल कॉलेज पर पांच करोड़ का जुर्माना, अनियमितता पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला

Thu, 25 Feb 2021 12:42 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन
उन्नाव जिले में एमबीबीएस छात्रों के प्रवेश में अनियमितता पर सुप्रीम कोर्ट ने सोहरामऊ स्थित सरस्वती मेडिकल कालेज पर पांच करोड़ रुपये जुर्माना लगाया है। सुप्रीम कोर्ट ने 132 छात्रों के बैच में शामिल 71 छात्रों की याचिका पर सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया।
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल कॉलेज पर नियमों की अनदेखी करने की बात कही है। वर्ष 2017 में मेडिकल कालेज में 150 छात्रों ने एमबीबीएस में दाखिले के लिए आवेदन किया था। इस दौरान 18 छात्रों का डीजीएमई (महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा) ने पढ़ाई की स्वीकृति दी थी।

शेष 132 छात्रों ने नीट की परीक्षा तो पास की थी, लेकिन प्रवेश की तारीख निकल जाने के कारण नियमानुसार इन छात्रों का दाखिला नहीं हो पाया। इस बात को छिपाते हुए मेडिकल कालेज प्रबंधन ने पढ़ाई शुरू करा दी। एसमीआई (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया अब इंडियन मेडिकल काउंसिल) ने भी 132 छात्रों के प्रवेश को निरस्त करने के लिए डीजीएमई को पत्र भेजा।
विज्ञापन


132 छात्रों का मेडिकल कालेज से संबद्ध कानपुर के छत्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय में परीक्षा तो हुई लेकिन रिजल्ट घोषित नहीं किया गया। इस पर कालेज प्रबंधन व छात्रों ने 2018 में सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी। सुनवाई के दौरान वर्ष 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने विश्वविद्यालय को प्रथम वर्ष का रिजल्ट घोषित करने का आदेश दिया।

इस पर 2019 में प्रथम वर्ष का रिजल्ट घोषित कर दिया था। सरस्वती मेडिकल कालेज के महाप्रबंधक मनोज सिसौदिया ने बताया कि रिजल्ट घोषित होने के बाद छात्र द्वितीय वर्ष की कक्षाएं लेते रहे। मामला सुप्रीम कोर्ट मे विचाराधीन होने के कारण द्वितीय वर्ष की परीक्षा आदेश आने के बात कराने की बात कही।

जनवरी 2021 में मेडिकल कालेज प्रबंधन और छात्रों ने दोबारा अपील की। इस पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश नागेश्वर राव और रविद्र भट्ट की पीठ ने फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों को राहत देते हुए एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कराने का फैसला दिया। अनियमितता बरतने के कारण मेडिकल कालेज पर पांच करोड़ रुपये जुर्माना लगाया। यह भी कहा कि छात्रों से जुर्माने की कोई राशि नहीं वसूली जाएगी। विश्वविद्यालय को द्वितीय वर्ष की परीक्षा शीघ्र कराने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें