कानपुर देहात। जिले में बिना मानक और पंजीकरण के अस्पताल चल रहे हैं। लोगों के स्वास्थ्य से हो रहे खिलावाड़ को लेकर जिलाधिकारी ने सख्ती दिखाई और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए तो स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। शनिवार को मैथा ब्लॉक में नोडल अधिकारी ने बिना पंजीकरण के चल रहीं पांच क्लीनिक, एक पैथोलॉजी सील की है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 54 नर्सिंगहोम/अस्पताल, 35 क्लीनिक, 36 पैथोलाॅजी पंजीकृत हैं। वहीं, इससे कई गुना अधिक का संचालन हो रहा है। मानकों की अनदेखी कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे धंधेबाजों की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। वहीं कई मामलों में झोलाछाप के गलत इलाज से लोगों की जान चली गई। इस पर जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी कपिल सिंह ने नाराजगी जताते हुए बिना पंजीकरण, मानकों की अनदेखी कर संचालित हो रहे अस्पतालों, क्लीनिक, नर्सिंगहोम पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
इसके बाद शनिवार को पंजीकरण नोडल अधिकारी/एसीएमओ डॉ. एसएल वर्मा ने टीम के साथ मैथा क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान उन्हें डाॅ. विकास राजपूत हेल्थ केयर क्लीनिक भेवान, कंचन डेंटल क्लीनिक मैथा, डाॅ. शिवशंकर क्लीनिक मैथा, आर्या मेडिकल स्टोर के बगल में एक अवैध क्लीनिक, एक क्लीनिक बिना पंजीकरण के केशरी निवादा में संचालित मिला। वहीं, मैथा बाजार में इवान पैथ लैब संचालित होती मिली।
कुछ जगहों पर संचालक टीम को देख कर भाग निकले जबकि कुछ जगह मौजूद स्टॉफ व संचालक पंजीकरण संबंधित कागजात नहीं दिखा सके। इस पर सभी प्रतिष्ठानों को सील करने के साथ ही नोटिस चस्पा किया गया। साथ ही पुलिस को सूचना दी गई। एसीएमओ डॉ. एसएल वर्मा ने बताया कि छापेमारी के दौरान क्लीनिकों पर पंजीकरण के कोई दस्तावेज नहीं मिले। मानकों की अनदेखी मिली है। किसी भी क्लीनिक में संचालक की डिग्री, प्रदूषण, बायोवेस्ट संबंधित कोई जानकारी मौके पर नहीं मिली। सभी का अवैध रूप से संचालन होता मिला है। इस पर सील करने की कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।
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बयान...
अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कानपुर मंडल कानपुर और जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देश पर बिना पंजीकरण, मानकों की अनदेखी कर क्लीनिक, अस्पताल संचालन करने वालों के खिलाफ अभियान शुरू किया गया है। बिना पंजीकरण/नवीनीकरण के संचालित क्लीनिक/पैथालॉजी/ निजी नर्सिंग होम पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. एके सिंह, सीएमओ
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न मानक, न पंजीकरण, जिम्मेदार थे अनजान
जिले में कई अस्पताल और क्लीनिक बिना पंजीकरण के चल रहे है। इनमें से कई स्वास्थ्य विभाग से तय मानक भी पूरा नहीं करते हैं। इसके बाद भी जिम्मेदारों की कभी इन पर नजर नहीं गई। आज भी शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में कई अस्पताल ऐसे हैं जहां न तो डॉक्टरों, स्टॉफ का मानक पूरा है और न ही भवन का। छोटे मकान व शटरदार दुकानों में क्लीनिक, अस्पताल संचालित हो रहे हैं। अधिकांश के प्रदूषण, अग्निशमन से एनओसी भी नहीं हैं।
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स्थानीय अधिकारियों की भूमिका पर सवाल
ब्लॉक और तहसील स्तर पर बिना पंजीकरण के चल रहे अस्पतालों और क्लीनिकों की रिपोर्ट स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक देते हैं। इसके बावजूद मैथा क्षेत्र में छह जगहों पर क्लीनिक, अस्पताल और पैथोलॉजी बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे थे। स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य अधिकारी इस स्थिति से अनजान बने हुए थे। अब इस पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पहले कार्रवाई क्यों नहीं की गई।