करवा चौथ का व्रत इस वर्ष 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दिन ग्रहों की अनुकूल स्थिति के चलते लक्ष्मी नारायण, त्रिग्रही, शुक्रादित्य, गौरी और परिधि योग जैसे शुभ योग बनेंगे। चंद्रमा के उच्च राशि वृषभ में गोचर करने और रोहिणी नक्षत्र के संयोग से व्रत का महत्व बढ़ेगा। ज्योतिषाचार्य डॉ. प्रीति अग्निहोत्री और आचार्य पवन तिवारी के अनुसार, ये योग धन-समृद्धि और वैवाहिक सुख के लिहाज से कल्याणकारी माने जाते हैं।
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, तुला राशि में बुध और शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग बनेगा। इसे धन, समृद्धि और वैवाहिक सुख से जोड़कर देखा जाता है। इसी राशि में सूर्य, बुध और शुक्र की मौजूदगी से त्रिग्रही योग बनेगा, जबकि सूर्य और शुक्र की युति से शुक्रादित्य योग का निर्माण होगा। वहीं, वृषभ राशि में उच्च के चंद्रमा और रोहिणी नक्षत्र के संयोग से गौरी योग बनेगा। इस दिन परिधि योग भी रहेगा।
पूजा और चंद्रोदय का समय
चतुर्थी तिथि : 29 अक्टूबर को सुबह 1:06 से रात 10:09 तक।
पूजा का मुहूर्त : शाम 5:38 से 6:56 बजे तक।
चंद्रोदय : रात लगभग 8:15 बजे।
राशि के अनुसार चुनें शुभ रंग और शृंगार
मेष : गहरा लाल या मैरून वस्त्र और लाल कांच की चूड़ियां।
वृषभ : सफेद, सिल्वर या गुलाबी पोशाक, चांदी की पायल या बिछिया।
मिथुन : हरी साड़ी, हरी चूड़ियां और गहरी मेहंदी।
कर्क : सफेद, क्रीम या हल्के पीले वस्त्र, मोती के आभूषण।
सिंह: नारंगी, केसरिया या सुनहरे वस्त्र और सुनहरे आभूषण।
कन्या: गहरे हरे या पेस्टल रंग के वस्त्र, हरी चूड़ियां और नथ।
तुला: रेशमी गुलाबी वस्त्र और हीरे या अमेरिकन डायमंड के आभूषण।
वृश्चिक: लाल या मैरून पोशाक, बड़ी लाल बिंदी और सिंदूर।
धनु: पीले या सुनहरे वस्त्र और पूजा में गेंदे के फूल।
मकर: गहरे नीले या बैंगनी रंग के वस्त्र; गहरा काजल और आईलाइनर।
कुंभ: आसमानी, सिल्वर या ग्रे रंग की साड़ी अथवा सूट, बड़े झुमके और चांदी के आभूषण।
मीन: केसरिया या हल्दी पीले वस्त्र और माथे पर सोने का टीका।