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प्लास्टिक धागा फैक्टरी में लगी आग, करोड़ों का नुकसान

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फैक्टरी में लगी आग बुझाता दमकल कर्मी। - फोटो : AKBARPUR
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रनियां (कानपुर देहात)। औद्योगिक क्षेत्र रनियां के रायपुर स्थित प्लास्टिक धागा बनाने वाली फैक्टरी गणेशा ईको स्पेयर प्राइवेट लिमिटेड (जीपीएल) में शुक्रवार भोर शॉर्ट सर्किट से आग लग गई।
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सूचना पर जिले के पांच फायर टैंकरों व एक फ्लोट पंप और कानपुर से पहुंचे दो फायर टैंकर की मदद से आठ घंटे की मशक्कत के बाद आग काबू की जा सकी। फैक्टरी में मशीनें, कच्चा व तैयार माल जलने से करोड़ों की क्षति हुई है। तकनीकी टीम के सर्वे के बाद नुकसान का सही पता चल सकेगा। कोई फैक्टरी कर्मी हताहत नहीं हुआ।
विष्णुपुरी कानपुर निवासी शरद शर्मा की रायपुर स्थित जीपीएल फैक्टरी तीन यूनिटों में बंटी है। यहां प्लास्टिक कतरन को गलाकर पहले प्लास्टिक दाना बनाया जाता है। इसके बाद दाना गलाकर प्लास्टिक धागा बनता है। इसका टेक्सटाइल में प्रयोग होता है। शुक्रवार भोर 3:15 बजे फैक्टरी में गर्म कच्चा माल ठंडा करने की यूनिट में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई।
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इस दौरान यहां 50 मजदूर काम कर रहे थे। परिसर में रखे अग्निशमन यंत्र चलाकर मजदूरों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग विकराल हो गई। लपटें उठने पर मजदूर शोर मचाते हुए बाहर की ओर भागे। इस दौरान आग धागा तैयार करने वाली यूनिट तक पहुंच गई। फैक्टरी कर्मी एसबी सिंह ने दमकल को और फैक्टरी प्रबंधक को सूचना दी।
सूचना पर माती से दो फायर टैंकर व एक फ्लोट पंप लेकर दमकल जवान पहुंचे। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुरेंद्र सिंह व अग्निशमन अधिकारी कृष्ण कुमार की देखरेख में आग काबू करने का काम शुरू हुआ। आग बढ़ने से रोकने के लिए जिले के तीन और फायर टैंकर व कानपुर से दो फायर टैंकर मंगवाए गए। इसी बीच धमाके के साथ परिसर में रखे तीन एलपीजी व दो ऑक्सीजन सिलिंडर लगातार फट गए। इससे फैक्टरी का शेड और दीवार ढह गई। गनीमत रही कि कोई चपेट में नहीं आया।
धमाके सुनकर आसपास के लोग दहशत में आ गए। इधर तीन ओर से फायर टैंकरों से पानी की बौछार कर आग को बढ़ने से रोका गया। करीब 11:15 बजे आग काबू की जा सकी। इससे दो यूनिट पूरी जल गई। इधर फैक्टरी में पहुंचे प्रबंधन विष्णुपुरी कानपुर निवासी शरद शर्मा ने बताया कि करोड़ों का नुकसान हुआ है। सर्वे के बाद कितना नुकसान हुआ साफ होगा।
शॉर्ट सर्किट से फैक्टरी में आग लगी है। सात फायर टैंकर व एक फ्लोट पंप से आग काबू की जा सकी। फैक्टरी की फायर एनओसी है। यहां भूमिगत पानी का टैंक बना है। फ्लोट पंप चलाकर फायर टैंकरों में पानी भरा गया। इससे आग काबू करने में सहूलियत हुई। फैक्टरी प्रबंधक को नोटिस देकर नुकसान का ब्योरा मांगा जाएगा। - सुरेंद्र सिंह, मुख्य अग्निशमन, अधिकारी कानपुर देहात
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