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फिल्म ‘चाइनागेट’ की कहानी रियल लाइफ में, खूंखार डाकू पर बरसे ‘गांववालों के शोले’

Wed, 10 May 2017 01:28 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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डकैत राजू ठाकुर के खौफ का अंत
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फिल्मी कहानियां किसी न किसी सच्ची घटना जरूर प्रेरित होती है। लेकिन कभी-कभी तो फिल्म की कहानी आम जिंदगी में भी उतर जाती है। एेसा ही एक नजारा मंगलवार को यूपी के दस्यु प्रभावित जिले चित्रकूट में देखने को मिला। साल 1998 में आई फिल्म चाइनागेट में जिस तरह से डाकू और उसके गैंग को गांववालों ने मिलकर खात्म कर दिया था ठीक यही कहानी रियल लाइफ में दोहराते हुए चित्रकूट के गांववालों ने अपराध की दुनिया में सिर उठा रहे डाकू सरगना राजू ठाकुर और उसके गैंग का ‘फन’ कुचल दिया। पुलिस तो उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाई लेकिन साहसी ग्रामीणों ने उसे पीट-पीट कर मौत के घाट उतार दिया।
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सूचना पर पुलिस अधीक्षक समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और डाकू को जिला अस्पताल लाए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया। पांच हजार के इनामी डाकू पर अपहरण, धमकी, मारपीट व फिरौती वसूलने के आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज थे। मौके से एक देशी रायफल बरामद की गई है। मारपीट के दौरान गैंग के तीन साथी भाग निकले। सोमवार की रात चित्रकूट जिले की भरतकूप चौकी क्षेत्र के भगवतपुर गांव में रामकरण खटिक की पुत्री का विवाह समारोह चल रहा था। राजापुर के हनुमान टोला से रामचरण सोनकर के पुत्र की शादी में बराती नाच गा रहे थे तभी जनवासे के पास चल रहे डीजे को बंद कराने के लिए डाकू राजू ठाकुर गैंग पहुंचा। डाकुओं के आने व हवाई फायरिंग से बाराती भयभीत हो गए। इसकी जानकारी होते ही दुल्हन का चचेरा भाई राजाराम पुत्र राममिलन वहां पहुंचा और डकैतोें से वापस जाने को कहा। बारातियों के अनुसार डकैतों ने गांव की कुछ लड़कियों को पकड़कर घसीटना शुरू किया तो सभी ने उन्हें रोका। जिससे नाराज सरगना राजू ने रायफल से फायर झोंक दिया। गोली सीधे राजाराम के जांघ में लगी और वह गिर पड़ा। 
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