कंपनी की ओर से दवा सप्लाई न कर पाने के कारण शहर सहित प्रदेश के 51 जिलों में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान टल गया है।
शहर में 14 दिसंबर से अभियान शुरू होना था और इसके तहत 39 लाख लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाई जानी थी। मंगलवार को महानिदेशक स्वास्थ्य की ओर से अभियान को स्थगित करने का आदेश आ गया।
पांच साल से प्रदेश को फाइलेरिया मुक्त कराने के लिए एक साथ अभियान चलाया जा रहा है। इसमें पोलियो की तरह घर-घर जाकर फाइलेरिया की दवा डीईसी दी जाती है।
अब तक नवंबर और दिसंबर के बीच अभियान चलाकर दवा खिलाई जाती है। इस बार 14 से 20 दिसंबर के बीच फाइलेरिया की दवा वितरित करने की कार्ययोजना बना ली गई थी।
शहर में 15 हजार स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी भी लगा दी गई थी लेकिन मंगलवार देर रात महानिदेशक स्वास्थ्य ने अभियान को स्थगित करने का निर्देश दिया।
इसके पीछे कारण दवाओं की सप्लाई न होना बताया गया है। दरअसल, नवंबर में कंपनी को दवा का ऑर्डर दिया गया था।
पूरे प्रदेश में करोड़ों लोगों को दवा खिलाई जानी है। इतनी मात्रा में दवा की दिसंबर महीने में सप्लाई से कंपनी ने इंकार कर दिया।
बोले जिम्मेदार
14 दिसंबर से शुरू होने वाला फाइलेरिया की खुराक खिलाने का अभियान स्थगित कर दिया गया है। अब अभियान 26 से 28 फरवरी के बीच चलाया जाएगा। 2015 में प्रदेश को फाइलेरिया मुक्त घोषित कराने का लक्ष्य रखा गया है।
अभियान में चिह्नित मरीजों का सरकारी अस्पतालों में इलाज किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन भी किया जाएगा।
डॉ. आर पी यादव, सीएमओ, कानपुर नगर