नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन (एनसीटीई) ने इंटरमीडिएट पास करने वाले स्टूडेंट्स को सीधे टीचर एजूकेशन से जोड़ दिया है।
बीए-बीएड और बीएससी-बीएड का चार साल का नया इंटीग्रेटेड कोर्स लांच किया है। इसकी पढ़ाई आठ सेमेस्टर में पूरी की जा सकेगी।
यदि किसी पेपर में बैक आया तो इंटीग्रेटेड कोर्स की पढ़ाई अधिकतम छह साल में पूरी की जा सकती है। यह कोर्स पहली बार लांच किया गया है, जिसमें कि योग शिक्षा को महत्वपूर्ण जगह मिली है।
इंटरमीडिएट में 50 फीसदी मार्क्स हासिल करने वाले सामान्य और ओबीसी के स्टूडेंट्स अब बीए और बीएससी के साथ बीएड भी कर सकेंगे। यह सुविधा एनसीटीई ने उपलब्ध करा दी है।
एक साथ बीए, बीएससी और बीएड करने से एक साल का समय भी बचेगा।
क्योंकि शैक्षिक सत्र 2015-16 से बीएड, एमएड की पढ़ाई दो साल की हो जाएगी। चार साल के नए इंटीग्रेटेड कोर्स की संबद्धता का अधिकार संबंधित राज्य सरकार और यूनिवर्सिटी को दिया गया है।
एनसीटीई ने कहा है कि इस कोर्स में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स और टीचर्स की 80 फीसदी उपस्थिति जरूरी है। स्कूल बेस्ड एक्सपीरियंस और इंटर्नशिप में 90 फीसदी उपस्थिति की अनिवार्यता है।
इस कोर्स के लिए 50-50 यूनिट की संबद्धता प्राप्त की जा सकेगी। इंटीग्रेटेड कोर्स के पाठ्यक्रम में कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी और योगा एजूकेशन को भी शामिल किया गया है।
उत्तर प्रदेश स्व वित्तपोषित महाविद्यालय एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय त्रिवेदी और संयोजक डॉ. बृजेश भदौरिया ने बताया कि एनसीटीई ने 178 पेज का गजट नोटिफिकेशन जारी किया है, जो कि टीचर एजूकेशन में सुधार के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
एनसीटीई ने इस बार इंटीग्रेटेड कोर्स लांच किया है, जिसकी जरूरत लंबे अर्से से महसूस की जा रही थी।