ऑर्डिनेंस के अधिकारियों को दी सूचना
इस बीच वहां से गुजर रहे लोगों की नजर दुकानों से निकल रहे धुएं और ऊंची लपटों पर पड़ी, तो ऑर्डिनेंस के अधिकारियों को सूचना दी। विभाग की ओर से मौके पर एक गाड़ी तो पहुंची, लेकिन पांच मिनट में पूरा पानी खत्म हो गया। इसके बाद गाड़ी वापस चली गई।
एक-एक कर दुकानों में फैली आग
इस बीच आग ने भड़कते हुए आसपास जुड़ीं मसवान निवासी सौदागर की भरभूंजा की दुकान, गुजैनी निवासी शेषनारायण की अभिषेक बुक स्टॉल, रावतपुर निवासी कन्हैया मिश्रा के बुक स्टॉल, आवास विकास निवासी अमरनाथ के पतंजलि स्टोर समेत दो अन्य दुकानों को भी चपेट में ले लिया।
50 लाख रुपये के नुकसान का आकलन
इधर पानी खत्म होने की सूचना पर सीएफओ दीपक मिश्रा ने चार अग्निशमन की गाड़ियों को मौके पर भेजा। फायर फाइटर्स ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। दुकानदारों ने हादसे में करीब 50 लाख रुपये के नुकसान का आकलन लगाया है।
बाइक की किस्त के रुपये भी स्वाहा
दुकानदार राम सिंगार ने बताया कि उन्होंने सात दिसंबर को बेटी की शादी की थी। दामाद को उपहार स्वरूप बाइक दी थी। उसकी प्रति माह 13 हजार की किस्तें वह ही भर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गुरुवार को रात में रुपये दुकान में ही रख दिए थे, जो आग की साथ जलकर राख हो गए।