कानपुर। गुरुनानक गर्ल्स इंटर कॉलेज में धरना दे रहीं सात वित्तविहीन शिक्षिकाओं ने देर रात पहुंची पुलिस पर अभद्रता का आरोप लगाया। शिक्षिकाओं ने कहा कि कॉलेज प्रबंधन के इशारे पर पुलिस धरना समाप्त कराने पहुंची थी। विरोध करने पर पुलिसकर्मियों ने मेज ठोककर वहां से चले जाने को कहा। शिक्षिकाओं के विरोध पर भीड़ एकत्र हो गई। स्थिति को देखते हुए पुलिसकर्मी गेट के बाहर चले गए। सूचना पर पहुंचे शिक्षक नेताओं ने डीआईओएस से फोन पर वार्ता की। इसके बाद सुबह कार्यालय में वार्ता होने तक शिक्षिकाओं ने धरना स्थगित कर दिया।
धरने पर बैठीं शिक्षिका रविंदर कौर, दलजीत कौर और मनजीत कौर ने बताया कि विद्यालय प्रबंधन डीआईओएस कार्यालय को गलत सूचनाएं दे रहा है। उनका कहना है कि वह पिछले 20 से 25 वर्षों से विद्यालय में सेवाएं दे रही हैं। इसके बावजूद अब स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है जो गलत है। इसी पर वह लोग धरना दे रही हैं। रविंदर कौर ने बताया कि बुधवार रात करीब नौ बजे पुलिस की दो गाड़ियां पहुंचीं और धरना खत्म करने का दबाव बनाने लगीं।
आरोप है कि विरोध करने पर शिक्षिकाओं को जबरन हटाने की धमकी दी गई और अभद्र व्यवहार किया गया। इसके बाद उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला महामंत्री डॉ. राहुल मिश्रा और प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र द्विवेदी को मौके पर बुलाया गया। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे डीआईओएस कार्यालय में वार्ता प्रस्तावित है। इसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। वहीं नजीराबाद थाना प्रभारी अरुण कुमार ने शिक्षिकाओं के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि प्रबंधन के कहने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी लेकिन किसी तरह की अभद्रता नहीं की गई।